US Presidential Election Final Results 2020: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद डेमोक्रैट कैंडिडेट जो बाइडेन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति होने जा रहे हैं. प्रमुख अमेरिकी मीडिया संगठनों ने तीन नवंबर के राष्ट्रपति चुनावों में बाइडेन को विजेता घोषित किया. पेन्सिलवेनिया में जीत के बाद जो बिडेन संयुक्त राज्य अमेरिका के 46 वें राष्ट्रपति बनने के लिए तैयार हैं. बिडेन के पास अब कुल 273 चुनावी वोट हैं. व्हाइट हाउस पहुंचने के लिए किसी को भी 538 ‘इलेक्टोरल कॉलेज वोट’ में से 270 वोट हासिल करना जरूरी होती है. अमेरिका में पिछले तीन दिन से मतगणना जारी है. Also Read - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस छोड़ने के दिये संकेत, अधिकारियों से कही यह बात...

राष्ट्रपति चुने जाने के बाद बाइडेन ने ट्वीट कर कहा, “अमेरिका, मैं सम्मानित हूं कि आपने मुझे हमारे महान देश का नेतृत्व करने के लिए चुना है. हमारे आगे का काम कठिन होगा, लेकिन मैं आपसे यह वादा करता हूं: मैं सभी अमेरिकियों का राष्ट्रपति बनूंगा – चाहे आपने मुझे वोट दिया हो या नहीं. आप ने मुझ पर जो विश्वास रखा है, मैं उस पर कायम रहूंगा.” Also Read - जो बाइडेन ने की कैबिनेट की घोषणा- एंटनी ब्लिंकेन अमेरिका के नए विदेश मंत्री होंगे, जानें किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी

अमेरिका राजनीति में करीब पांच दशकों से सक्रिय जो बाइडेन ने सबसे युवा सीनेटर से लेकर सबसे उम्रदराज अमेरिकी राष्ट्रपति बनने तक का शानदार सफर तय करके शनिवार को इतिहास रच दिया. 77 वर्षीय बाइडेन छह बार सीनेटर रहे और अब अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हराकर देश के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. ऐसा नहीं है कि यह कामयाबी उन्होंने अपने पहले प्रयास में पा ली है. बाइडेन को वर्ष 1988 और 2008 में राष्ट्रपति पद की दौड में नाकामी मिली थी.

अमेरिकी चुनाव में जीत को लेकर पहले से ही आश्वस्त जो बाइडेन और उपराष्ट्रपति पद की प्रत्याशी सीनेटर कमला हैरिस ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर तवज्जो देने का काम शुरू कर दिया. ये दोनों क्षेत्र कोविड-19 महामारी के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. बाइडेन ने शुक्रवार रात डेलावेयर के विल्मिंगटन में अपने प्रचार अभियान के मुख्यालय से देश के नाम संबोधन में कहा, “अंतिम परिणाम का इंतजार करते हुए, मैं चाहता हूं कि लोग जानें कि हम काम करने के लिए इंतजार नहीं कर रहे हैं.”

77 वर्षीय पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा, “मैं चाहता हूं कि हर कोई जाने कि पहले दिन से हम इस वायरस को नियंत्रित करने के लिए अपनी योजना लागू करने जा रहे हैं. इससे जान गंवा चुके लोगों को नहीं लौटाया जा सकता, लेकिन आने वाले महीनों में बहुत सी जिंदगियों को बचाया जा सकेगा.” एक दिन पहले बाइडेन और हैरिस ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञों के एक समूह के साथ बैठक की थी.