वॉशिंगटन: अमेरिका और रूस एक-दूसरे पर आतंकवाद को समर्थन देने के आरोप -प्रत्‍यारोप लगाते रहे हैं, लेकिन इस अमेरिका ने रूस पर एक और बड़ा आरोप लगाया है. इसमें कहा गया है कि रूस अफगानिस्‍तान में तालिबान को हथियार मुहैया करवा रहा है. अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के प्रमुख जनरल जॉन निकोलसन ने दावा किया कि रूस अफगान तालिबान को समर्थन दे रहा है और हथियारों की आपूर्ति कर रहा है. Also Read - रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेसकोव कोरोना संक्रमि‍त, अस्‍पताल में भर्ती

बीबीसी को शुक्रवार को दिए साक्षात्कार में जनरल निकोलस ने कहा, “उन्होंने यहां रूस द्वारा ‘अस्थिर करने की गतिविधि’ देखी है और मास्को द्वारा ताजिक सीमा के रास्ते तालिबान को हथियारों की तस्करी की जा रही है.” हालांकि, रूस ने सबूतों के अभाव का हवाला देकर पहले भी इन अमेरिकी दावों का खंडन किया है. लेकिन स्वीकार किया है कि उसने आतंकवादी समूह से बातचीत की है. Also Read - अमेरिका में कोरोना से जंग लड़ते हुए भारतीय मूल के डॉक्‍टर पिता और बेटी की जान गई

जनरल निकोलसन ने कहा, “हम एक इतिहास (नैरेटिव) को देखते हैं, जिसका इस्तेमाल यहां इस्लामिक स्टेट के लड़ाकुओं की संख्या को बढ़ाने के लिए किया गया.” उन्होंने कहा, “उस इतिहास का प्रयोग तब तालिबान को कुछ सहायता पहुंचाने और तालिबान के कृत्य को वैध करार देने के लिए रूस ने किया था.” उन्होंने कहा, “हमारे पास तालिबान द्वारा लिखित कहानियां हैं, जो मीडिया में दुश्मनों द्वारा वित्तीय सहायता पहुंचाने के रूप में पेश हुआ है. हमारे पास इस मुख्यालय में लाया गया हथियार है, जो हमें अफगान नेताओं द्वारा यह कहते हुए दिया गया है कि इसे रूस द्वारा तालिबान को दिया गया था.” Also Read - कोरोना वायरस हमला पर्ल हार्बर और 9/11 से भी अधिक बुरा है: डोनाल्‍ड ट्रंप

सैन्य प्रमुख ने कहा, हमें पता है कि रूसी इसमें संलिप्त हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि रूस ने अफगान सीमा से लगे ताजिकिस्तान में सिलसिलेवार अभ्यास किया है. उन्होंने कहा, यह आतंक-रोधी अभ्यास है, लेकिन हमने इससे पहले रूसी पैटर्न को देखा है. वे लोग बड़ी संख्या में हथियार लाते हैं और फिर वहां से चले जाते हैं. रूस ने इस बीच तालिबान को धन और हथियार मुहैया कराने के आरोप से इनकार किया है, लेकिन माना है कि उसने आतंकवादी समूह से बातचीत की है. (इनपुट एजेंसी)