वाशिंगटन: अमेरिका पाकिस्तान को दिए गए चीन के कर्ज में पारदर्शिता लाने की मांग कर रहा है. पाकिस्तान ने अरबों डॉलर की आर्थिक सहायता हासिल करने के लिये अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से संपर्क किया है. अमेरिका को शक है कि पाकिस्तान आईएमएफ से ये सहायता चीन का कर्ज उतारने के लिए मांग रहा है. Also Read - कोरोना के चलते काली हो गई थी चीन के इस डॉक्टर की त्वचा, अब नॉर्मल होकर लौटा; साथी गंवा चुका है जान

Also Read - भारत, अमेरिका का संयुक्त बयान, अपनी धरती से आतंकवादी गतविधियों को अनुमति न दे पाकिस्तान

अमेरिका ने पाकिस्‍तान को दी जाने वाली 1.66 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता रोकी Also Read - महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला को भारत में रहने का अधिकार नहीं: केंद्रीय मंत्री

अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप वित्त मंत्री डेविड मालपास ने कांग्रेस से जुड़ी एक कमेटी की सुनवाई के दौरान सांसदों को बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की टीम अभी पाकिस्तान से लौटी है. हम इस बात पर जोर दे रहे हैं कि कर्ज में पूरी पारदर्शिता हो. मालपास ने ये जानकारी सांसद जेफ मर्कली के सवाल के जवाब में दी. मर्कली ने पूछा था कि क्या आईएमएफ के कोष का इस्तेमाल चीन का कर्ज उतारने के लिए किया जा रहा है. मर्कली का कहना है कि एक चुनौती ये है कि पाकिस्तान ने ज्यादातर मामलों में अपनी कर्ज की शर्तों का खुलासा नहीं किया है, जिसमें ब्याज दर, उसकी अवधि शामिल है.

चीन के रुख में दिखा बदलाव, सरकारी चैनल ने पाक के कब्जे वाले कश्मीर को बताया भारत का हिस्सा

पाकिस्तान पर चीन का करीब 62 अरब डॉलर का कर्ज

पाकिस्तान पर चीन का करीब 62 अरब डॉलर का कर्ज है. हाल ही में उसने अपने आर्थिक संकट को दूर करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से 12 अबर डॉलर की आर्थिक सहायता (बेलआउट पैकेज) मांगी है. (इनपुट एजेंसी)