इजरायली हमले के बाद ईरान ने अमेरिकी पत्रकार को लिया हिरासत में, US ने लगाए आरोप
Iran Israel Conflict: एक ईरानी-अमेरिकी पत्रकार जो कभी अमेरिकी सरकार द्वारा फंडेड ब्रॉडकास्टर के लिए काम करता था, माना जाता है कि उसे ईरान ने महीनों से हिरासत में रखा है.
US Iran Tension: इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव बरकरार है. इस जंग में अमेरिका इजरायल की साथ है और ईरान को किसी भी हमले को लेकर चेतावनी दी हुई है. इसी बीच अब ईरान और अमेरिका के बीच तकरार बढ़ने की एक और खबर सामने आ रही है. अमेरिका ने ईरान पर उसके नागरिक को हिरासत में रखने का आरोप लगाया है.
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने रविवार को दावा किया कि एक ईरानी-अमेरिकी पत्रकार, जो कभी अमेरिकी सरकार द्वारा फंडेड ब्रॉडकास्टर के लिए काम करता था, को ईरान ने कई महीनों से बंदी बनाकर रखा है.
सुप्रीम लीडर की धमकी के बाद आई ये खबर
रेजा वलीज़ादेह की कथित कैद की खबर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई द्वारा इजरायल और अमेरिका को धमकी देने के बाद आई है. वलीज़ादेह ने रेडियो फर्दा के लिए काम किया था, जो रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी के अंतर्गत एक आउटलेट है, जिसकी देखरेख अमेरिकी एजेंसी फॉर ग्लोबल मीडिया द्वारा की जाती है.
वलीज़ादेह ने आखिरी पोस्ट में क्या लिखा?
फरवरी में, उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि उनके परिवार के सदस्यों को उन्हें ईरान वापस लाने के प्रयास में हिरासत में लिया गया था. अगस्त में एक संदेश में उन्होंने कहा कि ईरानी अधिकारियों द्वारा रेडियो फर्दा को शत्रुतापूर्ण आउटलेट के रूप में देखे जाने के बावजूद वे ईरान लौट आए हैं.
बिना किसी सुरक्षा गारंटी के लौटा था ईरान
उनके संदेश के अनुसार, 'मैं 6 मार्च, 2024 को तेहरान पहुंचा. उससे पहले, मेरी (रिवोल्यूशनरी गार्ड के) खुफिया विभाग के साथ अधूरी बातचीत हुई थी. आखिरकार मैं 13 साल बाद बिना किसी सुरक्षा गारंटी के, यहां तक कि मौखिक गारंटी के बिना भी अपने देश वापस आ गया.'
कई हफ़्तों से अफवाहें चल रही थीं कि वलीज़ादेह को ईरानी सरकार ने हिरासत में ले लिया है. मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी, जो ईरान में मामलों पर नजर रखती है, ने कहा कि पत्रकार को देश में आते ही हिरासत में ले लिया गया था, लेकिन बाद में उसे रिहा कर दिया गया.
रिवोल्यूशनरी अदालत में चलेगा मुकदमा
समाचार एजेंसी ने यह भी कहा कि उन्हें फिर से गिरफ्तार कर एविन जेल भेज दिया गया है और अब उन पर ईरान की रिवोल्यूशनरी अदालत में मुकदमा चलेगा. समाचार एजेंसी ने बताया कि वलीज़ादेह को इससे पहले 2007 में ईरान में गिरफ्तार किया गया था. ईरान ने अभी तक वलीज़ादेह को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि नहीं की है.
पहले भी हुई है कैदियों की सौदेबाजी
1979 के अमेरिकी दूतावास संकट के बाद से, ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत में कैदियों को सौदेबाजी के तौर पर इस्तेमाल किया है. खास तौर पर सितंबर 2023 में पांच अमेरिकियों को रिहा किया, बदले में अमेरिका की हिरासत में मौजूद पांच ईरानी नागरिकों के साथ-साथ दक्षिण कोरिया द्वारा जब्त की गई 6 बिलियन डॉलर की ईरानी संपत्ति को दिया गया था. अगर वलीज़ादेह को ईरान द्वारा हिरासत में लिया जाता है, तो वह 2023 के बाद से ईरान में हिरासत में लिए जाने वाले पहले अमेरिकी होंगे.
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