वाशिंगटन: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने 2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में मारे गए 166 लोगों की याद करते हुए कहा कि षडयंत्रकर्ताओं को अब तक सजा ना मिलना पीड़ितों और उनके परिवारों का अपमान है. इस हमले में छह अमेरिकी नागरिकों की मौत हुई थी. पोम्पिओ ने विदेश मंत्रालय के फॉगी बॉटम मुख्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा कि इस कायराना हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया. वहीं, दक्षिण एवं मध्य एशिया की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिसे वेल्स ने इस हमले में मारे गए पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की.

26 नवंबर 2008 को मुंबई की चीखों से पूरी दुनिया दहल उठी थी. पाकिस्तान से समुद्र मार्ग से आए 10 आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर 18 सुरक्षाकर्मियों समेत 166 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था और बड़ी संख्या में लोगों को घायल कर दिया था. ये वो संख्याएं हैं जिन्हें दर्ज किया गया. कई मासूम लाशों के शिनाख्त भी नहीं हो सकें.

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उस हमले में आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) के तत्कालीन प्रमुख हेमंत करकरे, सेना के मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, मुंबई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अशोक कामटे और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विजय सालस्कर की भी मौत हो गई थी. ये वो शहीद थे जिन्हें दुनिया कभी भूल नहीं सकती. ऐसी शहादत का ये मुल्क हमेशा कर्जदार रहेगा.