इस्लामाबाद: पाकिस्तान के साथ तनावपूर्ण द्विपक्षीय संबंधों के बीच वहां की नई सरकार के साथ बातचीत करने के लिए अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ बुधवार को पाकिस्तान पहुंचे. प्रधानमंत्री इमरान खान के पदभार संभालने के बाद अमेरिका की पाकिस्तान के साथ यह पहली उच्चस्तरीय वार्ता है. ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल जोसफ डनफोर्ड के साथ पाकिस्तान गए पोम्पिओ प्रधानमंत्री इमरान खान और विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाकात की हैं. Also Read - पूर्व पाक पीएम नवाज शरीफ के छोटे भाई गिरफ्तार, पाकिस्तान के नेता प्रतिपक्ष भी हैं शहबाज

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राजनयिक सूत्रों के अनुसार पोम्पिओ विदेश मंत्री कुरैशी से मुलाकात की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हो रही. अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पिओ प्रधानमंत्री इमरान खान से भी मुलाकात कर सकते हैं.

पाकिस्तान की नई सरकार को झटका, अमेरिका ने 21 हजार करोड़ रुपए की सहायता राशि रोकी

पोम्पिओ इस्लामाबाद के नूर खान एयरबेस पर उतरे और अमेरिकी दूतावास के लिए रवाना हो गए. वह सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से भी मुलाकात कर सकते हैं. पोम्पिओ पाकिस्तान पर दबाव डाल सकते हैं कि वह अपने क्षेत्र में मौजूद सभी आतंकवादी संगठनों को निशाना बनाए और संघर्ष प्रभावित अफगानिस्तान में सकारात्मक भूमिका निभाए.

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बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान की 30 करोड़ डॉलर की सैन्य सहायता रोक दी है, क्योंकि वह अपनी सीमा के भीतर मौजूद आतंकियों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रहा. वॉशिंगटन के साथ इस्लामाबाद के समस्याग्रस्त संबंधों को ताजा विवाद ने और तनावपूर्ण बना दिया है.

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अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 30 करोड़ डॉलर यानी 21 हजार करोड़ रुपए की सहायता राशि रोक दी है. अमेरिका का मानना है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में असफल रहा है. पेंटागन ने अमेरिकी संसद से अनुरोध किया है कि वह कोलिजन सपोर्ट फंड के तहत पाकिस्तान को दी जाने वाली 30 करोड़ डॉलर की राशि पर फिर से विचार करे क्योंकि पाकिस्तान दक्षिण एशिया रणनीति के तहत ठोस कार्रवाई करने में असफल रह रहा है.