वॉशिंगटनः अमेरिकी सीनेट ने रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक कानून पारित किया है, जिससे भारत का दर्जा अमेरिका के नाटो सहयोगियों और इजराइल एवं दक्षिण कोरिया जैसे देशों के समान हो जाएगा. वित्तीय वर्ष 2020 के लिए पिछले सप्ताह पारित राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (एनडीएए) में इस तरह का प्रस्ताव निहित था.

सीनेट इंडिया कॉकस के सह अध्यक्ष सांसद मार्क वार्नर के समर्थन से सीनेट इंडिया कॉकस के सह अध्यक्ष सांसद जॉन कॉर्निन द्वारा पेश किए गए संशोधन में मानवीय मदद, आतंकवाद, जल-दस्युओं से निपटने और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में हिंद महासागर में भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों को शामिल किया गया है.

पिछले सप्ताह हाउस इंडिया कॉकस के सह अध्यक्ष ब्रैड शर्मन ने कांग्रेस सांसद जोए विलसन, अमी बेरा, टेड योहो, जॉर्ज होल्डिंग, एड केस और राजा कृष्णमूर्ति के साथ ऐसा ही कानूनी प्रस्ताव ‘हाउस एफवाई2020 एनडीएए’ पेश किया था, जिससे भारत-अमेरिका संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा.

अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों (प्रतिनिधि सभा एवं सीनेट) द्वारा इसे पारित किये जाने के बाद यह विधेयक हस्ताक्षर के साथ कानून बन जायेगा. सदन द्वारा एनडीएए के इस संस्करण को जुलाई में किसी समय पेश करने की संभावना है क्योंकि अगस्त में एक महीने के अवकाश के लिये 29 जुलाई को सदन स्थगित कर दिया जायेगा. भारत-अमेरिका सामरिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिये हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने एक बयान में सीनेटर कॉर्निन और वार्नर की प्रशंसा की.