दोहा: तालिबान के एक संस्थापक समेत इसके वरिष्ठ नेता अमेरिका के विशेष दूत के साथ सोमवार को अगले दौर की बातचीत करने के लिए कतर पहुंच गए हैं. अमेरिका ने 17 साल से चल रहे अफगानिस्तान युद्ध का बातचीत के जरिए हल निकालने के लिए अपनी कोशिशें बढ़ा दी हैं. पाकिस्तान से तालिबान के कुछ नेता रविवार रात कतर की राजधानी दोहा पहुंच गए हैं. उन्होंने अमेरिकी विशेष दूत ज़लमय खलीलज़ाद से बातचीत से पहले अपनी अपेक्षाएं रखी हैं. तालिबान के प्रवक्ता ज़बीउल्लाह मुजाहीद ने एसोसिएटिड प्रेस से कहा, ‘जी हां, इस बात की संभावना है कि हम किसी नतीजे पर पहुंच जाएं.’ Also Read - यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप के बेटे की प्रेमिका Coronavirus से पॉजिटिव, जूनियर ट्रंप पृथक-वास में

दोहा में तालिबान के शिष्टमंडल की अगुवाई कर रहे मुल्ला अब्दुल गनी बरादर संगठन के सह संस्थापक हैं. उसे पिछले साल पाकिस्तान की जेल से रिहा किया गया है जहां वह 2010 में पाकिस्तान और सीआईए के एक संयुक्त अभियान में गिरफ्तार होने के बाद से बंद था. पहले हुई बातचीत का केंद्र अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी और इस बात की गारंटी पर रहा कि अमेरिका पर हमला करने के लिए अफगानिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल नहीं होगा. ऐसी उम्मीद है कि खलीलज़ाद तालिबान पर अफगानिस्तान सरकार से सीधे बातचीत का दबाव बना सकते हैं. हालांकि तालिबान सरकार से बातचीत करने से इनकार करता आया है. Also Read - साउथ चाइना सी में यूएस नेवी के दो विमानवाहक युद्धपोतों का अभ्‍यास, तनाव में चीन

अल-कायदा और इसके नेता ओसामा बिन लादेन को पनाह देने वाले तालिबान ने अक्टूबर 2001 तक अफगानिस्तान में शासन किया था. हालांकि 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमले के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान पर हमला कर दिया था. तालिबान फिर से अपना सिर उठा रहा है और अफगान सेना तथा पुलिस पर करीब-करीब रोज़ हमला करता है. इसने आधे से ज्यादा देश पर कब्जा कर लिया है. Also Read - राष्‍ट्रपति शी के नेतृत्व में चीन ने भारत के प्रति आक्रामक विदेश नीति अपनाई है: US आयोग की रिपोर्ट

तालिबान का मानना है कि अमेरिका समर्थित अफगानिस्तान सरकार बेकार है और पश्चिमी देशों की कठपुतली है. वे सरकार के साथ बातचीत की कई पेशकशों को ठुकरा चुका है. अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा था कि तालिबान इस शर्त पर अफगान अधिकारियों से बातचीत करेगा कि उससे मिलने वाले समूह में प्रतिष्ठित अफगान हस्तियां शामिल हों, जैसे इस महीने के शुरू में रूस की राजधानी मॉस्को में हुआ था.