ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी पड़ी उलटी, चीन ने अमेरिका के साथ तोड़ी ये डील! दुनिया भर में मच गई हलचल

चीन ने अमेरिका से सोयाबीन आयात को 7 साल में पहली बार शून्य कर दिया. वहीं ब्राजील और अर्जेंटीना से आयात रिकॉर्ड पर दर्ज किया गया. आइए इस खबर के माध्यम से जानते हैं चीन के इस कदम से अमेरिका को कैसे नुकसान होगा.

Published date india.com Published: October 20, 2025 3:51 PM IST
ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी पड़ी उलटी, चीन ने अमेरिका के साथ तोड़ी ये डील! दुनिया भर में मच गई हलचल

अमेरिका और चीन के बीच चल रहे टैरिफ विवाद के बीच, ड्रैगन ने डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा झटका दिया है. दरअसल, दुनिया के सबसे बड़े सोयाबीन आयातक देश चीन ने 7 साल में पहली बार अमेरिका से एक भी टन सोयाबीन नहीं खरीदी है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने चीन सरकारी द्वारा जारी आंकड़ों से बताया, कि सितंबर 2025 में अमेरिका से आयात शून्य रहा, जबकि पिछले साल इसी महीने में 1.7 मिलियन मीट्रिक टन सोयाबीन आयात की गई थी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन का यह कदम अमेरिका पर एक तरह का आर्थिक दबाव है. क्योंकि दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से ट्रेड टेंशन लगातार बढ़ता जा रहा है.

टैरिफ की मार के बाद चीन का अन्य देशों की तरफ रुख

ट्रेड टेंशन के चलते चीन ने अमेरिकी सोयाबीन पर भारी टैरिफ लगा दिया है, जिससे अमेरिका की आपूर्ति महंगी हो गई है. अब चीन अन्य देशों से व्यापार करने की सोच रहा है. ब्राजील से चीन का सोयाबीन आयात 29.9% बढ़कर 10.96 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जो उसके कुल आयात का लगभग 85% हिस्सा है. वहीं, अर्जेंटीना से आयात 91.5% बढ़कर 1.17 मिलियन टन तक पहुंच गया है. चीन अब ब्राजील और अर्जेंटीना जैसे देशों से अपनी ज़रूरत पूरी कर रहा है, जिससे अमेरिकी किसानों पर सीधा असर पड़ा है.

अमेरिकी किसानों को झेलना पड़ेगा भारी नुकसान

बता दें अमेरिका के लिए चीन सबसे बड़ा सोयाबीन खरीदार था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं. चीन के आयात बंद करने से अमेरिकी किसानों को अरबों डॉलर का नुकसान झेलना पड़ रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितंबर में चीन का कुल सोयाबीन आयात 12.87 मिलियन मीट्रिक टन रहा, जिसमें अमेरिका का योगदान बिल्कुल ‘शून्य’ था. ट्रेड डील में रुकावट और नए टैरिफ नियमों ने अमेरिकी बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है. विश्लेषकों का कहना है कि अगर ये स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो अमेरिकी कृषि क्षेत्र को भारी झटका लग सकता है.

फिर से शुरू हुई ट्रेड डील की बातचीत…

इन सबके बीच उम्मीद की एक किरण भी दिखाई दे रही है. हफ्तों तक चले तनाव के बाद बीजिंग और वाशिंगटन के बीच फिर से बातचीत शुरू हो गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भरोसा जताया है कि जल्द ही सोयाबीन पर समझौता हो सकता है. वहीं, बीजिंग स्थित एग्रडार कंसल्टिंग के संस्थापक जॉनी जियांग का कहना है कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो फरवरी से अप्रैल के बीच चीन में सोयाबीन की कमी देखने को मिल सकती है.

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