वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीरिया से सैनिकों को चार महीने में वापिस बुलाने की योजना की खबर को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी सैनिकों को ‘निर्धारित अवधि’ में वापस बुलाया जाएगा. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, ट्रंप ने कहा, “यह सब निर्धारित समय में होगा. मैंने कभी नहीं कहा कि मैं कल यह कर रहा हूं.” ट्रंप ने ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी सेना को युद्धग्रस्त देश से 2 हजार सैनिकों को वापिस बुलाने के लिए लगभग चार महीने का समय दिया गया है.

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इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इराक की अपनी पहली यात्रा के दौरान कहा था कि अमेरिका दुनिया की रखवाली का ठेका नहीं ले सकता. उस वक्त उन्होंने दूसरे देशों से भी जिम्मेदारियां बांटने के लिए कहा. इराक में तैनात अमेरिकी सैनिकों से मिलने पहुंचे ट्रंप ने युद्धग्रस्त सीरिया से अपने सैनिकों को वापस बुलाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि इसमें कोई देरी नहीं होगी. अमेरिकी सैनिकों को संबोधित करने के बाद ट्रंप ने बगदाद के पश्चिम में स्थित एअर बेस पर पत्रकारों से कहाथा, ‘अमेरिका लगातार दुनिया की रखवाली का ठेका नहीं ले सकता.’

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उन्होंने सीरिया से अपने सैनिकों को वापस बुलाने और बाकी क्षेत्रीय देशों खासकर तुर्की पर ISIS के खिलाफ काम पूरा करने की जिम्मेदारी छोड़ने के फैसले का बचाव करते हुए कहा था, ‘‘यह ठीक नहीं है कि सारा बोझ हम पर डाल दिया जाए.’’ ट्रंप ने पिछले महीने विश्व और अपने देश को हैरत में डालते हुए अचानक घोषणा की थी कि अमेरिका, सीरिया से अपने सैनिकों को वापस बुला रहा है. अमेरिकी मीडिया ने अज्ञात अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका सीरिया से सैनिकों की ‘तेज’ और ‘पूर्ण’ वापसी की योजना बना रहा है. वहीं, ट्रंप ने पिछले सप्ताह खुद अपने ट्वीट में इससे उलट कहा था कि उनका देश सीरिया से सैनिकों को धीरे-धीरे वापस बुला रहा है. वर्तमान में सीरिया में अमेरिका के दो हजार से अधिक सैनिक तैनात हैं.

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