वॉशिंगटन। भारत के साथ मजबूत रिश्तों की हवाला देकर चीन एक बार फिर भारत की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश में है. डोकलाम में चीन के खतरनाक मंसूबों पर अमेरिका के एक शीर्ष अधिकारी ने खुलासा किया है. अधिकारी ने कहा कि चीन ने डोकलाम क्षेत्र में चुपचाप अपनी गतिविधियां फिर से शुरू कर दी हैं और न तो भूटान और न ही भारत ने उसे ऐसा करने से रोका है.

दक्षिण चीन सागर से की तुलना

अमेरिका के शीर्ष अधिकारी ने विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन के युद्धाभ्यास की तुलना इस हिमालयी क्षेत्र में उस देश की गतिविधियों से की है. चीन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता रहा है. वहीं, वियतनाम, मलेशिया, फिलीपींस, ब्रुनेई और ताईवान इस दावे का विरोध करते रहे हैं.

डोकलाम पर थरूर ने की विदेश मंत्रालय और PMO की जमकर तारीफ

दक्षिणी और मध्य एशिया के लिए विदेश मंत्रालय के प्रमुख उप सहायक एलीस जी वेल्स ने एक संसदीय सुनवाई के दौरान सांसदों से कहा कि मेरा आकलन है कि भारत मजबूती से अपने उत्तरी सीमा का बचाव कर रहा है और यह भारत के लिए चिंता का विषय है. वेल्स भारतीय सीमा के निकट सड़क बनाने की चीन की उग्र गतिविधियों के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे.

सड़क निर्माण पर हुआ था गतिरोध

भारत और चीन के बीच हिमालयी क्षेत्रों को लेकर लगातार विवाद होते रहे हैं. पिछले साल ही चीन और भारत के बीच डोकलाम मुद्दे को लेकर गतिरोध पैदा हो गया था. चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने डोकलाम में सड़क निर्माण का काम शुरू किया था, जिसके बाद से चीन और भारत के बीच गतिरोध शुरू हुआ था.

‘डोकलाम पर चीन को भारत से इतने सख्त जवाब का अंदाजा नहीं था’

महिला सांसद एन वेगनर ने कहा, हालांकि दोनों देश बाद में पीछे हट गए थे. चीन ने डोकलाम में फिर से अपनी गतिविधियां चुपचाप शुरू कर दी हैं लेकिन न तो भारत ने और न ही भूटान ने उसे ऐसा करने से रोका है. हिमालयी क्षेत्र में चीन की गतिविधि मुझे उसके दक्षिण चीन सागर नीति की याद दिलाती हैं.

डोकलाम पर हुआ था लंबा विवाद

डोकलाम में पिछले साल उस समय भारत और चीन के बीच 73 दिन तक गतिरोध चला था जब भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को विवादित क्षेत्र में सड़क बनाने से रोक दिया था. 16 जून 2017 से शुरू हुआ गतिरोध 28 अगस्त 2017 को खत्म हुआ था. भारतीय सैनिकों ने तिब्बत के सुदूरवर्ती दक्षिणी हिस्से डोकलाम में चीनी सेना को सड़क बनाने से रोक दिया था. इसके बाद दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने आई गईं और तनाव गहराया गया.

सेना किसी भी चुनौती के लिए तैयार: लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह

वहीं, देश के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने आज कहा कि सेना पाकिस्तान के साथ लगी नियंत्रण रेखा (एलओसी) और चीन के साथ लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर किसी भी आकस्मिक स्थिति या चुनौती का सामना करने में सक्षम है. उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने कहा कि व्यापक स्तर पर सैन्य बलों के आधुनिकीकरण का कार्य चल रहा है और इससे संचालन तैयारियां बेहतर हुई है उन्होंने कश्मीर में हालात को स्थिर लेकिन नाजुक बताया.

 (भाषा इनपुट)