वाशिंगटन: अमेरिकी संसद में पाकिस्‍तान को दी जाने वाली सैन्य वित्तीय सहायता पर नियंत्रण करने वाला बिल पेश किया गया है. इसमें पाकिस्‍तान सिर्फ आतंक रोधी क्षमताओं के लिए ही अमेरिका से मदद पा सकेगा. बता दें कि जनवरी में अमेरिका ने पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता स्थगित कर दी थी. अफगान तालिबान और हक्कानी नेटवर्क आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई और उनके पनाहगाहों को नष्ट करने में नाकाम रहने को लेकर अमेरिका ने यह कदम उठाया था. विधेयक के मुताबिक, पाकिस्तान को विदेशी सैन्य वित्त सहायता कार्यक्रम के तहत कोई सहायता पाकिस्तान में सिर्फ आतंक रोधी क्षमताओं में सहयोग करने के लिए उपलब्ध होगी.Also Read - बड़ा खुलासा! वैध दस्तावेज के सहारे पाकिस्तान गए कई कश्मीरी युवा आतंकवादी बनकर लौटे

पाकिस्तान को सुरक्षा सहायता के तौर पर दी जाने वाली रकम पर रोक को अमेरिका के 1300 अरब डॉलर के व्यय विधेयक में शामिल किया गया है. यह विधेयक वित्त वर्ष 2018 की शेष अवधि के दौरान संघीय सरकार को कोष प्रदान करेगा. बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने इस साल की शुरूआत में सुरक्षा सहायता पर रोक लगाने की घोषणा की थी. Also Read - Jammu के सांबा में तीन जगहों पर संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन दिखे, एक्‍शन होते ही वापस लौटे

अमेरिकी कांग्रेस के नेता हफ्तों की वार्ता के बाद 30 सितंबर तक संघीय खर्च पर बीती रात एक करार पर पहुंचे. सरकार को कोष उपलब्‍ध करने की समय सीमा के दो दिन पहले यह कदम उठाया गया. सरकार के यह कदम नहीं उठाने पर उसका कामकाज ठप पड़ जाने का जोखिम था. 2,232 पृष्ठों का मसौदा विधेयक पिछले 15 साल में अमेरिकी सेना को कोष में सबसे ज्यादा वृद्धि मुहैया करेगा और बुनियादी ढांचा एवं सीमा सुरक्षा जैसी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में अहम निवेश करेगा. Also Read - Indian Premier League 2021: आईपीएल के चलते Pakistan की फजीहत, UAE ने किया मेजबानी से साफ इनकार

बिल लागू होने के 30 दिनों के अंदर विदेश मंत्री कोष को लेकर विनियोग पर समितियों से परामर्श करेंगे.कांग्रेस को उम्मीद है कि विदेश मंत्री अपने अधिकार क्षेत्र वाली मौजूदा नीति में कोई बदलाव होने पर शीघ्रता से सूचना देंगे. व्हाइट हाउस ने बुधवार को कहा था कि राष्ट्रपति ने विधेयक को अपनी सहमति दे दी है. ( एजेंसी : इनपुट)