संयुक्त राष्ट्र: गाजा से लगती सरहद पर इजरायली आर्मी की फायरिंग में 100 से ज्यादा फिलिस्तीनियों के मारे जाने के बाद उनके संरक्षण के उपाय के लिए यूएन की सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव के विरोध में अमेरिका ने वीटो का इस्तेमाल किया है. अरब देशों के समर्थित इस संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के मसौदे पर अमेरिका ने सोमवार को वीटो कर दिया है. दरअसल इस प्रस्ताव का मसौदा सोमवार को सुरक्षा परिषद में अरब देशों की ओर से कुवैत ने रखा था. इसके पक्ष में चीन, फ्रांस और रूस समेत 10 देशों ने मतदान किया था, जबकि ब्रिटेन, इथोपिया, नीदरलैंड और पौलेंड गैर हाजिर रहे थे. Also Read - donald trump says us not committed to two state israel palestine solution | इजरायल-फलस्तीन: ट्रंप ने दिए दो राष्ट्र का सिद्धांत छोड़ने के संकेत

15 सदस्य सुरक्षा परिषद में इस प्रस्ताव के मसौदे को स्वीकार करने के लिए 9 मतों की आवश्यकता थी और 5 स्थायी देशों की ओर से वीटो भी नहीं होना चाहिए था. यूएन की सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी देश ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, रूस और अमेरिका हैं. Also Read - Narendra Modi's Israel visit amounts to abandoning Palestine says CPI-M

अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने परिषद से कहा कि गाजा में हाल की हिंसा पर इजरायल की निंदा के लिए लाए गए प्रस्ताव का मसौदा पूरी तरह से गलत है.

इस प्रस्ताव के मसौदे की सामग्री कुवैत ने तैयार की है, जो गाजा और कब्जाए गए पश्चिमी तट पर फलस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षण की गारंटी की मांग करता है.

मतदान से पहले, गाजा सीमा बाड़ के पास इजरायली सैनिकों ने फलस्तीन की युवती की गोली मारकर हत्या कर दी. इसी के साथ मार्च के अंत से अब तक इजरायली सेना की गोलीबारी में मरने वालों की संख्या 123 हो गई है.  (इनपुट- एजेंसी)