Donald Trump, Mike Penc, US, us capitol violence, अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति पद से हटाने के 25 वें संशोधन को खारिज कर दिया है. जानकारी के मुताब‍िक, अमेरिका के निवर्तमान उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने देश के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कार्यालय से हटाने के लिए संविधान के 25वें संशोधन को लागू करने से इनकार कर दिया.Also Read - रेलवे क्रॉसिंग पर Plane Crash, पायलट की जान बची, लेकिन धड़धड़ाती ट्रेन ने प्‍लेन के उड़ाए परखच्‍चे

पेंस ने प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैंसी पेलोसी को लिखे पत्र में कहा, ”हमारे संविधान के तहत, 25वां संशोधन सजा देने या अधिकार छीनने का जरिया नहीं है. इस प्रकार से 25वां संशोधन लागू करना खराब उदाहरण पेश करेगा.” पेलोसी और प्रतिनिधि सभा पेंस और कैबिनेट पर दबाव बना रहे थे कि वे राष्ट्रपति के हजारों समर्थकों द्वारा यूएस कैपिटल (संसद भवन) में 6 जनवरी को हमला किए जाने के मद्देनजर ट्रंप को पद से हटाने की कार्रवाई करें. Also Read - New York में सिख टैक्सी ड्राइवर पर हमले का वीडियो: भारतीय वाणिज्य दूतावास ने कहा- 'बेहद परेशान' करने वाला

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि पेंस ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी को लिखे पत्र में 25 वें संशोधन को लागू करने पर विरोध किया है. इस महाभियोग प्रस्ताव में निवर्तमान राष्ट्रपति पर अपने कदमों के जरिए 6 जनवरी को ”राजद्रोह के लिए उकसाने” का आरोप लगाया गया है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस के समक्ष सोमवार को यह 25 वें संशोधन के संवैधानिक अधिकार के तहत राष्‍ट्रपति ट्रंप को हटाने का प्रस्ताव हाउस में आया था. Also Read - Corona News: नए शोध में दावा, स्‍क‍िन, ओंठ और नाखूनों का बदला रंग भी Covid-19 के New Symptom

ट्रंप को हटाने वाली प्रस्‍ताव में कहा गया है कि ट्रंप ने अपने समर्थकों को कैपिटल बिल्डिंग (संसद परिसर) की घेराबंदी के लिए तब उकसाया, जब वहां इलेक्टोरल कॉलेज के मतों की गिनती चल रही थी और लोगों के धावा बोलने की वजह से यह प्रक्रिया बाधित हुई. इस घटना में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई.

ट्रंप ने अमेरिकी संसद में हिंसा की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को पिछले सप्ताह कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) में उनके कथित उकसावे के चलते हिंसक भीड़ के घुसने संबंधी घटना की जिम्मेदार लेने से इंकार किया. ट्रंप ने कहा, ‘ लोग सोचते हैं कि जो भी मैंने कहा था वो पूरी तरह सही था.’ कैपिटल में हुई हिंसा के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए ट्रंप ने यह टिप्पणी की. वह अवैध आव्रजन के खिलाफ अपने अभियान के लिए मंगलवार को टेक्सास के लिए रवाना होने वाले थे. हालांकि, उनके कार्यकाल के केवल आठ दिन शेष हैं और दूसरी तरफ संसद में उनके खिलाफ दूसरी बार महाभियोग प्रस्ताव लाने की कवायद जारी रही थी. ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि ‘असली समस्या’ उनकी बयानबाजी नहीं थी, बल्कि डेमोक्रेट्स द्वारा ‘ब्लैक लाइव मैटर’ के प्रदर्शनों और सिएटल एवं पोर्टलैंड में इस गर्मी में हुई हिंसा के संबंध में किया गया वर्णन, बयानबाजी थी.

महाभियोग की संभावनाओं की वजह से ‘गुस्सा पैदा हो रहा’
अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि महाभियोग की संभावनाओं की वजह से देश में ‘खासा गुस्सा पैदा’ हो रहा है लेकिन वह ‘हिंसा नहीं’चाहते हैं. टैक्सास में मेक्सिको से लगती सीमा पर दीवार के मुआयने के लिए जाने से पहले राष्ट्रपति ने संवाददाताओं से बात की थी. कैपिटल बिल्डिंग पर हमले के बाद वह संवाददाताओं से पहली बार बात कर रहे थे. महाभियोग के सवाल पर ट्रंप ने कहा, ”वे जो कर रहे हैं, वह काफी बुरी बात है. हम हिंसा नहीं चाहते हैं. कभी नहीं.”