वाशिंगटन: अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान द्वारा अगले महीने से करतारपुर गलियारे को चालू करने के लिए एक प्रमुख समझौते पर हस्ताक्षर करने का स्वागत करते हुए कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध बनना ‘‘अच्छी खबर’’ है. भारत और पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को करतारपुर गलियारे को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर किये. कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बावजूद यह गलियारा भारतीय श्रद्धालुओं को पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब की वीजा मुक्त यात्रा करने की सुविधा प्रदान करेगा.

इस समझौते के बाद प्रतिदिन पांच हजार भारतीय श्रद्धालु गुरुद्वारा दरबार साहिब की यात्रा कर पाएंगे जहां सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने अपने जीवन के आखिरी 18 वर्ष बिताये थे. अमेरिका की दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के लिए कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस जी वेल्स ने बृहस्पतिवार को ट्वीट किया, ‘‘समझौते को अंतिम रूप दिये जाने के समाचार का स्वागत करते हैं जिसने भारत और पाकिस्तान के बीच एक गलियारे का मार्ग प्रशस्त किया जिससे सिख श्रद्धालु गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जा सकेंगे.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम इसके नवम्बर में औपचारिक रूप से खुलने की उम्मीद कर रहे हैं. पड़ोसी देशों के लोगों के बीच संबंध निर्माण अच्छी खबर है.’’ यह गलियारा भारत के पंजाब में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को करतापुर स्थित दरबार साहिब से जोड़ेगा जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज चार किलोमीटर दूर पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले में स्थित है. भारत और पाकिस्तान ने तीन चरण की बातचीत के बाद इस समझौते पर हस्ताक्षर किये. हालांकि दोनों देशों के संबंधों में हाल के कुछ वर्षों में तनाव है. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के भारत के पांच अगस्त के फैसले के बाद से दोनों देशों के संबंधों में तनाव और बढ़ गया.

भारत के सभी आस्थाओं और भारतीय मूल के लोग इस गलियारे का इस्तेमाल कर सकते हैं और उनकी यात्रा वीजा मुक्त होगी. प्रत्येक श्रद्धालु को 20 डॉलर शुल्क का भुगतान करना होगा. भारत हालांकि पाकिस्तान से भारतीय श्रद्धालुओं से शुल्क नहीं वसूलने का आग्रह किया था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा गुरु नानक देव की 550वीं जयंती से पहले नौ नवंबर को इस गलियारे का औपचारिक उद्घाटन करना निर्धारित है.

(इनपुट भाषा)