वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक अक्तूबर से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2019 के लिए 40 खरब डॉलर का वार्षिक बजट आज पेश किया. बजट में पाकिस्तान के लिए 25.6 करोड़ डॉलर की असैन्य मदद एवं आठ करोड़ डॉलर की सैन्य मदद का प्रस्ताव दिया गया है. पाकिस्तान को मदद के प्रस्ताव से कुछ हफ्ते पहले ट्रम्प प्रशासन ने अपनी जमीं से काम कर रहे आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए पाकिस्तान को मिलने वाली करीब दो अरब डॉलर की सुरक्षा सहायता पर रोक लगा दी थी. व्हाइट हाउस ने कहा था कि आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने पर वह रोक हटाने पर विचार करेगा.

इसी महीने सहायता बंद करने के लिए विधेयक पेश किया गया था

इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी संसद में पाकिस्तान द्वारा आतंकवादियों को मुहैया कराई जा रही सैन्य सहायता एवं खुफिया मदद के मद्देनजर उसे दी जाने वाली असैन्य सहायता को बंद करने के लिए एक विधेयक पेश किया गया था. विधेयक में मांग की गई थी कि पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता राशि का इस्तेमाल अमेरिका में बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाओं पर किया जाए.

इस विधेयक को साउथ कैरोलिना से कांग्रेस के सदस्य मार्क सैनफोर्ड और केंटकी से सांसद थॉमस मैसी ने पेश किया था. यह विधेयक अमेरिकी विदेश मंत्रालय और यूनाइटेड स्टेट एजेंसी फॉर इंटरनेशल डेवल्पमेंट (यूएसएआईडी) पर अमेरिकी करदाताओं की कमाई पाकिस्तान भेजने पर रोक लगाने की बात करता है.

इस विधेयक में इस राशि को हाइवे ट्रस्ट फंड में भेजे जाने की बात की गई है. सांसदों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान जानबूझकर आतंकवादियों को संसाधन मुहैया कराता है. मैसी ने कहा कि अमेरिका को ऐसी सरकार को धन नहीं देना चाहिए जो आतंकवादियों को सैन्य सहायता और खुफिया जानकारी मुहैया कराती है.

सैनफोर्ड ने कहा कि अमेरिकी लोग अन्य राष्ट्रों की मदद करते हैं लेकिन अमेरिकी करदाताओं के धन का इस्तेमाल आतंकवादियों को पुरस्कृत करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए. सीनेट में ऐसा ही विधेयक पेश करने वाले सीनेटर रैंड पॉल ने कहा कि हम अपने देश और अपने देश के करदाताओं की मेहनत की कमाई की रक्षा करने में विफल रहे हैं क्योंकि हम जिन देशों की सहायता करते हैं वे अमेरिका के खिलाफ नारे लगाते हैं और हमारे झंडे को जलाते हैं.

उन्होंने कहा कि इस राशि को इसाइयों पर जुल्म करने वाले और ओसामा बिन लादेन को पकड़ने में अमेरिका की मदद करने वाले डॉक्टर जैसे लोगों को जेल में रखने वाले देश को देने के बजाए अपने देश में लगाया जाना चाहिए. इसे अपने देश के बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए.