वाशिंगटन| अमेरिका ने आज ‘‘ज्यादा जोखिम’’ वाले 11 देशों के शरणार्थियों पर से प्रतिबंध हटाने की घोषणा की लेकिन कहा कि अमेरिका में प्रवेश के इच्छुक शरणार्थियों को पहले की अपेक्षा अधिक कड़ी जांच से गुजरना होगा. इन 11 देशों के शरणार्थियों के नाम नहीं बताये गये हैं लेकिन समझा जाता है कि उत्तर कोरिया और 10 मुस्लिम बहुल देशों के शरणार्थियों को कड़ी जांच का सामना करना होगा. Also Read - ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्‍ताव पास, बिडेन ने कहा- सशस्त्र विद्रोह के जिम्‍मेदारों को जवाबदेह ठहराया जाए

घरेलू सुरक्षा मंत्री क्रिस्टजेन नील्सन ने बताया, “ यह बेहद जरूरी है कि हमें यह पता हो कि कौन अमेरिका में प्रवेश कर रहा है.” उन्होंने कहा, “ इन अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के चलते गलत लोगों के लिए हमारे शरणार्थी कार्यक्रम का लाभ उठाना मुश्किल होगा. सुरक्षा उपाय यह सुनिश्चित करेंगे कि हम देश के लिए अधिक सतर्क दृष्टिकोण अपनाएं.” Also Read - डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ आज पारित हो सकता है महाभियोग प्रस्ताव, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 25वां संशोधन लागू करने की पेंस से की अपील

इन 11 देशों पर ट्रंप प्रशासन ने अक्तूबर में शरणार्थी नीति की समीक्षा के बाद प्रतिबंध लगाया था. हालांकि इनकी आधिकारिक रूप से पहचान नहीं बताई गई थी. हालांकि शरणार्थी समूहों का कहना है कि इन देशों में मिस्र, ईरान, इराक, लीबिया, माली, उत्तर कोरिया, सोमालिया, दक्षिणी सूडान, सूडान, सीरिया और यमन शामिल हैं. Also Read - US Capitol Violence: Facebook, Twitter के बाद अब Youtube ने सस्पेंड किया ट्रंप का चैनल

नाम नहीं जारी करने की शर्त पर एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि 11 देशों के लिए उच्च सुरक्षा जांच की नीति मुस्लिमों को लक्ष्य कर नहीं बनाई गई थी. अधिकारी ने बताया ‘‘हमारे प्रशासन का धर्म से कोई लेना देना नहीं है.’’

सभी देशों के आव्रजकों और शरणार्थियों को लेकर राष्ट्रपति बनने के बाद से ही डोनाल्ड ट्रंप का रुख सख्त रहा है. उनके पूर्ववर्ती बराक ओबामा ने वित्त वर्ष 2017 में शरणार्थियों की आमद की सीमा एक लाख 10 हजार तय की थी. जब ट्रंप ने एक साल पहले कार्यभार संभाला तो उन्होंने इस संख्या को घटाकर 53,000 कर दिया और बाद में वर्ष 2018 के लिये इसे एक बार फिर घटाकर 45,000 कर दिया.