वाशिंगटन: अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण जान गंवाने वाले लोगों की संख्या एक लाख को पार कर गई है. दुनिया में किसी भी देश में कोविड-19 के कारण इतने अधिक लोगों की मौत नहीं हुई. इनमें से एक तिहाई लोगों की मौत दुनिया की वित्तीय राजधानी माने जाने वाले न्यूयॉर्क, उसके नजदीकी इलाके न्यूजर्सी और कनेक्टिकट में हुई. इसका अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है और बीते तीन महीने में 3.5 करोड़ से अधिक लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है.Also Read - School/College Closed In UP: उत्तर प्रदेश में सभी शैक्षणिक संस्थान 30 जनवरी तक रहेंगे बंद, आदेश जारी

हालांकि मृत्यु दर और नए मामलों की संख्या में अब कमी आने लगी है. इसे देखते हुए सभी 50 राज्यों ने अर्थव्यवस्थाओं को फिर से खोलने की हिम्मत जुटाई है. Also Read - HD Devegowda Corona Positive: पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा हुए कोरोना संक्रमित, फिलहाल नहीं दिख रहे हैं लक्षण

सदन में बहुमत के नेता स्टेनी होयर ने कहा, ‘‘कोविड-19 के कारण 1,00,000वें अमेरिकी व्यक्ति की मौत हो गई ऐसे में हमारा देश एक दुखद मुकाम पर है. पूरे देश में परिवार इस बीमारी के कारण अपने प्रियजनों को खोने का दुख मना रहे हैं.’’ Also Read - Assembly Polls 2022: कोरोना के मामलों के बीच क्या रैलियों, रोड शो पर लगी पाबंदियां बढ़ेंगी? चुनाव आयोग की अहम बैठक आज

अमेरिका में मृतकों की संख्या बुधवार को एक लाख के पार पहुंच गई. अब तक 17 लाख से अधिक अमेरिकी संक्रमित पाए गए हैं. रोग नियंत्रण एवं रोकथाम संबंधी अमेरिकी केंद्र (सीडीसी) के मुताबिक देश में इस संक्रमण ने हर आयुवर्ग और हर समुदाय को अपनी चपेट में लिया है. संक्रमण के कुल मामलों में से 4.7 एशियाई अमेरिकियों के और 26.3 फीसदी अश्वेत अमेरिकियों के हैं.

संक्रमण के कारण यहां कितने भारतीय-अमेरिकी लोगों की मौत हुई इसका कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है लेकिन कुछ अनाधिकारिक अनुमानों की मानें तो न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में ऐसे 500 से अधिक लोगों की मौत हुई तथा इस समुदाय के संक्रमित लोगों की संख्या हजारों में है.

बीते दो महीनों में कई जानेमाने भारतीय-अमेरिकी चिकित्सक एवं प्रभावशाली सामुदायिक नेताओं की संक्रमण के कारण मौत हुई. सीडीसी ने कहा कि अब तक अमेरिका में 1.57 करोड़ लोगों की जांच की गई है जिनमें से 18 लाख संक्रमित पाए गए हैं.