वॉशिंगटन: भारत-चीन के बीच LAC पर अब भी तनाव जारी है. यह तनाव तब और बढ़ गया, जब गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुए हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे. भारतीय सेना ने सैनिकों की सूची तो जारी की लेकिन चीनी सरकार और सेना द्वारा मारे जाने वाले सैनिकों की सूची नहीं जारी की गई. हालांकि यह चीन का पुराना इतिहास रहा है, कि या तो चीन आकंड़े नहीं बताता और बताता है तो वे आंकड़े गलत होते हैं. इसी मामले पर अमेरिका के एक मैगजीन ने दावा किया है कि भारतीय सेना के जवानों के साथ हिंसक झड़प में चीनी सेना के 60 से ज्यादा जवान मारे गए थे. Also Read - चीन: शी चिनफिंग की आलोचना करने वाले को सुनाई गई 18 साल कैद की सजा

अमेरिकी मैगजीन न्यूजवीक (The Newsweek) ने बताया कि भारत और चीन के तनाव के बीच के मुख्य कारण चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग हैं. पीएलए के ज्यादातर कार्रवाई के पीछे उनकी ही रणनीति होती हैं. यही नहीं शी पर चीनी कम्युनिष्ट पार्टी का दबाव भी है इस कारण चीन लगातार भारत के साथ विवाद करने की कोशिश कर रहा है. मैगजीन में कहा गया है कि चीनी सरकार के आदेश पर ही भारतीय सीमा में चीनी सैनिक घुसने की कोशिश करते हैं. यही नहीं अगर शी दोबारा आदेश दें तो वे दोबारा सीमा में घुसपैठ की कोशिश करेंगे. बता दें कि चीनी सेना के घुसपैठ को भारतीय ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए विफल कर दिया था. Also Read - TikTok Deal: बिक गया मशहूर चीनी ऐप टिकटॉक, ओरेकल के साथ डील Done

मैगजीन की खबर के मुताबिक भारत द्वारा चीन को करारा जवाब देने से चीन की पूरे दुनिया में किरकिरी हो रही हैं. ऐसे में चीन के लिए समस्या यह है कि वह अब अपनी सेना पीछे नहीं खींच पा रही और भारतीय सेना उसे आगे बढ़ने से रोके हुए हैं. ऐसे में चीन जानबूझकर साजिशे कर रहा है और आक्रामक रवैया दिखा रहा है. रिपोर्ट में बताया गया है कि चीनी सरकार अपने कलंक को धोने के लिए शी के आदेश के बाद भारत पर फिर से हमला कर सकते हैं. Also Read - लद्दाख में भारतीय सेना का कारनामा, 6 नई चोटियों पर किया कब्जा, चीन की हालत पस्त