बीजिंग: चीन की यात्रा पर जाने वाले शाकाहारी विदेशियों के लिए जहां पहले वेजिटेरियन खाना मिलना बहुत कठिन था, वहीं, अब वहां तेजी से शाकाहारियों की संख्‍या बढ़ रही है. चीन के साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट (SCMP) के मुताबिक, 2015 से 2020 तक चीन के वीगन मार्केट के बढ़ने की उम्‍मीद है.यह अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर सबसे कम और सबसे तेजी से दक्षिण एशिया में खाने की आदत में बड़ा बदलाव है. ये सब हो रहा चीन की युवा पीढ़ी के चलते जो अपने स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर ज्‍यादा जागरूक हो रहे हैं और इसके चलते वे मांसाहार को त्‍याग रहे हैं. Also Read - अब अमेरिका से भिड़ा चीन, बोला- एक हजार साल से दक्षिण चीन सागर हमारा है

दुनिया की सबसे ज्‍यादा आबादी वाले चीन की दुनिया की आबादी में 17 फीसदी हिस्‍सेदारी है. चीन दुनिया में चिकन, मटन व बीफ जैसे मांसाहारी व्यंजनों का सबसे बड़ा बाजार है. Also Read - पूर्वी लद्दाख विवाद: भारत-चीन के आर्मी कमांडरों के बीच आज चुशुल में हाईलेविल मीटिंग

बढ़ गए शाकाहारी रेस्‍त्रां और होटल
चीन में शाकाहारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इसके चलते जगह – जगह शाकाहारी रेस्‍त्रां और होटल दिखने लगे हैं. अकेले शंघाई में 2012 में जहां 49 शाकाहारी होटल थे, जो पिछले बढ़कर 100 से ज्‍यादा हो गए.यह बदलाव चीनी लोगों में अपने स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती जागरुकता के बीच मांसाहार को त्यागने के चलते हुआ है. Also Read - भारत से दस गुना अधिक है चीन की ताकत, वह देश के लिए पाकिस्तान से बड़ा खतरा है: शरद पवार

शाकाहारी होटलों में बड़ी प्रतिस्पर्धा
हांगकांग के साउथ चाइना मोर्निंग पोस्ट के मुताबिक, चीन के रेस्त्रां उद्योग में ऐसे उद्यमियों की संख्या लगातार बढ़ी है, जो कि स्वस्थ भोजन की बढ़ती लोकप्रियता का फायदा उठाना चाहते हैं. यहां स्वस्थ भोजन से आशय इस तरह के भोजन से है, जिसमें मांस नहीं, बल्कि जैविक व पर्यावरण अनुकूल व्यंजन शामिल हों. रिपोर्ट के अनुसार, चीन में शाकाहार व शाकाहारी भोजनलायों का बाजार इतना प्रतिस्पर्धी पहले कभी नहीं रहा. ये होटल अपनी डिश और मेन्‍यु के हिसाब से उसके हेल्‍थ पर पड़ने वाले असर की बात भी कर रहे हैं. (इनपुट एजेंसी)