रियाद (सऊदी अरब): इन दिनों एक फोटो सऊदी अरब में खूब वायरल हो रही है. फोटो में बुर्का पहनी चार महिलाएं कार्ड खेल रही हैं. अब आप ये सोच रहे होंगे कि कार्ड खेलना तो सामान्‍य बात है फिर फोटो वायरल क्‍यों हो रही है. दरअसल, महिलाओं का कार्ड खेलना महत्‍वपूर्ण नहीं है, बल्‍क‍ि वह जहां बैठकर कार्ड खेल रही हैं, वह महत्‍वपूर्ण है. जिस जगह बैठकर महिलाएं कार्ड्स खेल रही हैं, वह कोई मामूली फर्श नहीं बल्कि मक्‍का के खाना-ए-काबा का परिसर है. यह मामला पिछले शुक्रवार का है. जब खाली समय मिलते ही चार मुस्‍ल‍िम महिलाएं मस्‍जि‍द के प्रांगण में ही बोर्ड गेम खेलने लगीं, जिसे ‘सिक्‍वेंस’ गेम कहते हैं.

सऊदी अरब की वेबसाइट ‘स्‍टेपफीड’ की रिपोर्ट के अनुसार इन चारों महिलाओं को शुक्रवार को 11 बजे, बोर्ड गेम खेलते हुए किंग अब्दुल अजीज गेट के पास खेलते हुए पाया गया. महिलाओं की इस तस्‍वीर के सामने आने के बाद मस्‍ज‍िद के अधिकारियों ने एक अधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि मामला सामने आते ही हमने उन महिलाओं को वहां से हटा दिया है और उन्‍हें यह सलाह दी गई है कि पाक स्‍थल की पवित्रता बनाए रखने के लिए इस तरह के काम ना करें. अधिकारियों का सहयोग करते हुए वह तुरंत पाक स्‍थल छोड़कर चली गईं.

स्‍टेपफीड’ के अनुसार यह खबर अरब देशों में ट्रेंड कर रही है और इस पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं. इंटरनेट की दुनिया में इस मामले पर लोगों के विचार अलग हैं. कुछ लोगों ने जहां महिलाओं के इस व्यवहार की निंदा करते हुए उसे अनुचित ठहराया है, वहीं इंटरनेट पर कुछ लोग मस्‍ज‍िद में महिलाओं के खेलने को सही ठहराया और कहा कि इसका विरोध करना बिना वजह बात को बढ़ाना है. जबकि कुछ यूजर्स ने ट्व‍िटर पर पोस्‍ट किया कि पवित्र मस्जिद प्रार्थना, विनम्रता और भक्ति के लिए है. किसी व्‍यक्‍त‍ि की धर्मता से दूसरों को परेशानी नहीं होनी चाहिए.

मक्‍का

मक्‍का

सोशल मीडिया पर महिलाओं के पक्ष में कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर स्मार्टफोन पर फोटो लेने की अनुमति है तो इस तरह के गेम के गेम खेलने पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. यह बहुत ही सामान्‍य बात है. वहीं कुछ लोग इसे फोटोशॉप का कमाल बता रहे हैं. जबकि कट्टर विचारधारा के लोगों का कहना है कि धर्म का अपमान हो रहा है, क्या इन महिलाओं को कोई शर्म नहीं है?

इस खबर के वायरल हो जाने के बाद अधिकांश ऑनलाइन यूजर्स चारों महिलाओं के रवैया की निंदा की, जिन महिलाओं की राष्ट्रीयता ज्ञात नहीं की गयी और कहा की इन महिलाओं को मस्जिद के आध्यात्मिक महत्व का सम्मान करना चाहिए.

बता दें कि साल 2015 में साउदी अरब के मदीना के ही मस्‍ज‍िद-ए-नबवी की एक फोटो वायरल हुई थी, जिसमें कुछ युवा कार्ड खेलते नजर आ रहे थे. इस एक्‍ट के लिए अधिकारियों ने उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया था.