मॉस्को: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन दुनिया के उन चुनिंदा नेताओं में से एक हैं जिनकी हाजिर जवाबी और आकर्षक व्यक्तित्व लोगों को अपना मुरीद बना लेती है. यों तो पुतिन अन्य कई कारणों से हमेशा चर्चा में बने ही रहते हैं लेकिन इस बार उन्होंने एक ऐसा कानून बनाया है जिससे की वह अब रूस में किसी भी कानून से ऊपर हो जाएंगे. यानी पुतिन ने एक बिल पास किया है, जिसके तहत रूस के राष्ट्रपतियों पर पद छोड़ने के बाद भी आजीवन कोई कार्रवाई नहीं की जा सकेगी. यह कानून राष्ट्रपतियों को आपराधिक मामलों से बचाएगा. Also Read - क्या आप जानते हैं Vladimir Putin की गर्लफ्रेंड की सैलरी, Alina Kabaeva की खूबसूरती और कमाई दोनों हैं कयामत लाने वाली

नए कानून के मुताबिक रूस के पूर्व राष्ट्रपतियों व आने वाले भविष्य के राष्ट्रपतियों को यह कानून पुलिस, जांच, पूछताछ, तलाशी, गिरफ्तारी, सजा इन सबसे छूट देता है. बता दें कि यह नियम उसी कानून का हिस्सा है जिसे जनमत संग्रह के बाद रूस में पास किया गया था जिसके तहत व्लादिमिर पुतिन साल 2036 तक रूस के राष्ट्रपति बने रह सकते हैं. बता दें कि इस कानून के आने से पहले राष्ट्रपतियों को केवल उन आपराधिक मामलों में छूट थी, जो उनके कार्यकाल के दौरान दर्ज किए गए थे. Also Read - स्पुतनिक-5 के बाद रूस ने एक और कोविड-19 वैक्सीन को मंजूरी दी: व्लादिमीर पुतिन

लेकिन ऐसा नहीं कि इस नए कानून को भंग नहीं किया जा सकता है. अगर राष्ट्रपति देशद्रोह या अन्य गंभीर अपराधिक मामले में दोषी पाया जाता है और इस बात की पुष्टि हो जाती है तो संवैधानिक अदालतों द्वारा राष्ट्रपति को दी गई यह कानूनी प्रतिरक्षा छिन सकती है. लेकिन यह प्रक्रिया काफी जटिल है, जिसके माध्यम से राष्ट्रपति की प्रतिरक्षा को छीना जा सके. Also Read - पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन को जन्मदिन पर किया फोन, कहा- बधाई हो दोस्त

साथ ही मंगलवार के दिन राष्ट्रपति पुतिन एक ऐसे बिल पर हस्ताक्षर किए हैं, जो पूर्व राष्ट्रपतियों को फेडरेशन काउंसिल या सीनेट में आजीवन सदस्यता देता है. यानी यह एक ऐसा पद होगा जिसपर राष्ट्रपति पद से हटने के बाद भी मुकदमा नहीं चलाया जा सकेगा. बता दें कि पुतिन फिलहाल के लिए साल 2036 तक के लिए रूस के राष्ट्रपति बने रह सकते हैं.