
Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. LS College से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता की उच्चतम शिक्षा जामिया मिल्लिया इस्लामिया से हासिल की है. फिलहाल, लीगल न्यूज के साथ-साथ जनरल नॉलेज ... और पढ़ें
Vladimir Putin’s Security Guard: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही भारत दौरे पर आने वाले है. इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ कई अहम मुद्दों पर बातचीत करेंगे. भले ही रूस के राष्ट्रपति पुतिन दुनिया के सबसे चर्चित और पावरफुल शख्सियत में माने जाते हैं. भारत में उतनी ही चर्चे उनकी मजबूत सिक्योरिटी टीम के भी है, जो दुनिया के किसी भी देश में उनका एक भी बॉडी ट्रेस नहीं छोड़ती है. सिक्योरिटी टीम इतनी पावरफुल है कि दुनिया के बड़े-बड़े देश रूसी राष्ट्रपति के कई दिन उनके घर में रहने के बावजूद उनके DNA का एक छोटा सा सैंपल भी शायद ही इकट्ठा कर सके हो. इसका क्रेडिट उनके सजग-सतर्क सिक्योरिटी टीम को ही जाता है. आइये जानते हैं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सिक्योरिटी टीम से जुड़े 10 फैक्ट्स…
रिपोर्टों के अनुसार, पुतिन जब विदेश यात्रा करते हैं, तो उनके मल–मूत्र को भी सुरक्षा टीम एक विशेष सूटकेस में इकट्ठा कर के रूस भेजती है. इसका उद्देश्य किसी भी विदेशी एजेंसी द्वारा पुतिन की हेल्थ कंडीशन्स का एनालिसिस होने से रोकना है. माना जाता है कि ये टीम रूसी राष्ट्रपति के साथ प्राइवेट पलों में भी साथ होती है. इस टीम की वजह से ही रूस के राष्ट्रपति का DNA सैंपल किसी को भी मिलना असंभव सा है.
रूस के राष्ट्रपति के बॉडीगार्ड फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस (FSO) से चुने जाते हैं. भले ही इन जितनी कठिन परीक्षा पास तैयार कोई पुतिन की सिक्योरिटी टीम में शामिल होता हो, लेकिन उन्हें 35 वर्ष की उम्र में उन्हें अनिवार्य रूप से रिटायर कर दिया जाता है.
इंटरनेशनल मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन कुछ कार्यक्रमों में बॉडी डबल यानि नकली पुतिन का यूज करते हैं. वहीं, यूक्रेन के सैन्य अधिकारियों ने दावा किया है कि पुतिन के कम से कम तीन बॉडी डबल मौजूद हैं, जिनमें से कुछ ने उनके जैसा दिखने के लिए प्लास्टिक सर्जरी तक करवाई है.
पुतिन की कार ऑरस सीनेट, रूस द्वारा डिजाइन की गई एक सुपर सिक्योरिटी लिमोजीन है. यह बुलेटप्रूफ है, ग्रेनेड हमले को झेल सकती है, आग नहीं पकड़ती और जरूरत पड़ने पर कार के अंदर ऑक्सीजन सप्लाई उपलब्ध रहती है. सबसे खास बात, चारों टायर पंक्चर होने के बाद भी यह कार दौड़ सकती है.
किसी भी देश की यात्रा से पहले रूसी सुरक्षा सेवा उस देश के अपराध, आतंकवाद और विरोध–प्रदर्शन के इतिहास का अध्ययन करती है. पुतिन मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करते. इसलिए उनके लिए एक विशेष सुरक्षित टेलीफोन लाइन और टेलीफोन बूथ तैयार किया जाता है.
पुतिन अपने साथ एक विशेष लैब लेकर चलते हैं, जो खाने में किसी तरह के जहर की जांच करती है. उनके शेफ और हाउसकीपिंग स्टाफ रूस से ही साथ आते हैं. होटल में उनकी पूरी टीम के लिए अलग लिफ्ट तक की व्यवस्था की जाती है.
पुतिन का विशेष विमान IL-96-300 PU उन्नत संचार प्रणाली, मिसाइल सुरक्षा, जिम, मेडिकल रूम और मीटिंग हॉल से लैस है. इसमें मौजूद न्यूक्लियर कमांड बटन आपात स्थिति में हवा में रहते हुए भी आदेश देने की क्षमता देता है.
हमले की स्थिति में बॉडीगार्ड पुतिन के चारों ओर घेरा बनाकर उन्हें सुरक्षित वाहन तक ले जाते हैं. वहां से उन्हें तुरंत प्लेन या बैकअप जेट में स्थानांतरित किया जा सकता है.
पुतिन के विमान के साथ हमेशा एक या दो बैकअप जेट चलते हैं. यात्रा से पहले उनकी सिक्योरिटी टीम दो सप्ताह तक क्वारनटाइन में रहती है ताकि किसी भी सुरक्षा चूक की संभावना न रहे.
आधुनिक खतरों को देखते हुए पुतिन की सुरक्षा टीम के पास पोर्टेबल एंटी- ड्रोन सिस्टम भी रहता है, जिसे उनके एक बॉडीगार्ड द्वारा हाथ में पकड़े हुए देखा गया है.
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