न्यूयॉर्कः सऊदी अरब के वली अहद मोहम्मद बिन सलमान ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में कहा कि वह पत्रकार जमाल खशोगी की निर्मम हत्या की ‘‘पूरी जिम्मेदारी’’ लेते हैं लेकिन इस बात से इनकार किया कि उन्होंने इस हत्या के आदेश दिए थे. सलमान (34) ने रविवार को प्रसारित हुए ‘‘60 मिनट’’ के एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘यह जघन्य अपराध था लेकिन सऊदी अरब का नेता होने के नाते मैं पूरी जिम्मेदारी लेता हूं खासतौर से इस बात की कि सऊदी अरब सरकार के लिए काम करने वाले लोगों ने इसे अंजाम दिया.’’ Also Read - Crude oil price: सऊदी अरब ने किया कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती का वादा, 11 महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा कच्चा तेल

आलोचकों के निशाने पर रहने वाले खशोगी की हत्या का आदेश दिए जाने के बारे में पूछने पर उन्होंने जवाब दिया, ‘‘बिल्कुल नहीं.’’ उन्होंने कहा कि हत्या ‘‘एक गलती’’ थी. गौरतलब है कि खशोगी तुर्की मूल की अपनी मंगेतर से शादी करने के लिए जरूरी दस्तावेज एकत्रित करने के लिए दो अक्टूबर 2018 को तुर्की में सऊदी वाणिज्य दूतावास गए थे. सऊदी सरकार के एजेंटों ने वाणिज्य दूतावास के भीतर खशोगी की हत्या कर दी थी तथा उनके शव को क्षत-विक्षत कर दिया जो कभी बरामद नहीं किया गया. Also Read - थलसेना प्रमुख जनरल नरवणे यूएई, सऊदी अरब के लिए रवाना हुए, जानिए क्यों अहम है ये यात्रा

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सऊदी अरब ने हत्या मामले में 11 लोगों पर आरोप लगाया और उन पर मुकदमा चलाया. हालांकि अभी तक किसी को भी सजा नहीं मिली है. शक्तिशाली वली अहद ने साक्षात्कार में कहा, ‘‘कुछ लोग सोचते हैं कि मुझे यह पता होना चाहिए कि सऊदी अरब के लिए काम करने वाले 30 लाख लोग रोजाना क्या कर रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह असंभव है कि 30 लाख लोग नेता और सऊदी अरब में दूसरे शीर्ष व्यक्ति को अपनी दैनिक रिपोर्ट भेजे.

न्यूयॉर्क में बृहस्पतिवार को एक साक्षात्कार में खशोगी की मंगेतर हैटिस सेंगिज ने द एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि खशोगी की हत्या की जिम्मेदारी केवल उसे अंजाम देने वाले लोगों की नहीं है और वह चाहती है कि प्रिंस मोहम्मद बताए कि जमाल को क्यों मारा गया? उनका शव कहां है? इस हत्या के पीछे का मकसद क्या था?’’ उन्होंने इस साक्षात्कार में 14 सितंबर को सऊदी अरब की तेल कंपनियों पर मिसाइल तथा ड्रोन हमले पर भी बात की. यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है लेकिन सऊदी अरब ने कहा कि ‘‘इसमें कोई शक नहीं है कि यह ईरान प्रायोजित हमला था.’’