वारसॉ: यूरोप में अमेरिकी सेना के पूर्व कमांडर ने  वारसॉ सुरक्षा फोरम में हिस्सा लेते हुए कहा कि इस बात की आशंका है कि अगले 15 वर्षों में अमेरिका का चीन के साथ युद्ध होगा. सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल बेन होजेज के मुताबिक यूरोपीय सहयोगियों को रूस से मिल रही चुनौतियों को देखते हुए अपनी रक्षा खुद सुनिश्चित करनी होगी क्योंकि अमेरिका, प्रशांत में अपने हितों की रक्षा पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगा.

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अमेरिका के पास उतनी क्षमता नहीं !
होजेज ने वारसॉ सुरक्षा फोरम को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ अमेरिका को मजबूत यूरोपीय स्तंभ की जरूरत है. मैं मानता हूं कि अगले 15 वर्षों में हम चीन के साथ युद्ध में होंगे, हालांकि जरूरी नहीं है कि ऐसा ही हो लेकिन इसकी आशंका पूरी-पूरी है.’ वारसॉ सुरक्षा फोरम की दो दिवसीय बैठक में मध्य यूरोप के नेता, सैन्य अधिकारी और राजनेता मौजूद थे.

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होजेज ने कहा, ‘चीन के खतरों से निपटने के लिए प्रशांत और यूरोप में जो कुछ किए जाने की जरूरत है, उसे करने के लिए अमेरिका के पास उतनी क्षमता नहीं है.’ वर्ष 2014 से पिछले वर्ष तक होज यूरोप में अमेरिकी सेना के कमांडर थे. वह अभी सेंटर फॉर यूरोपीयन पॉलिसी एनालिसिस में रणनीतिक विशेषज्ञ हैं. यह वॉशिंगटन का एक शोध संस्थान हैं. उन्होंने कहा कि भूराजनीतिक प्राथमिकताएं बदलने के बाद भी नाटो के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता ‘ स्थिर’ है.