वाशिंगटन: पाकिस्तान में जहां तहरीक-ए-इंसाफ आम चुनाव के बाद सरकार बनाने की ओर बढ़ रही है, वहीं अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेन्ट के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान में सरकार बनने के बाद नए नेताओं के साथ काम करने के “अवसर तलाश करेगा” और दक्षिण एशिया में सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि बढ़ाने की कोशिश करेगा.

अमेरिका ने भी पाकिस्तान में चुनाव की निष्पक्षता पर संदेह जताया

चुनाव में धांधली का लगा है आरोप
अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सबसे बड़े दल के तौर पर उभरने के बाद इमरान खान ने आम चुनाव में जीत का दावा किया है. संसदीय चुनावों के नतीजों और रुझानों के मुताबिक पीटीआई 105 सीटें जीत चुकी है. हालांकि, प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक पार्टियों ने चुनावों में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए हैं. विदेश विभाग के प्रवक्ता ने मीडिया से कहा, ‘जब पाकिस्तान के निर्वाचित नेता नई सरकार बना लेंगे तो अमेरिका दक्षिण एशिया में सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने के अवसर तलाश करेगा.’

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चुनाव के दौरान अधिकारों के हनन पर जताई चिंता
विदेश विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका, पाकिस्तान के निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित पूर्ण आधिकारिक नतीजों और पर्यवेक्षकों का प्रारंभिक नतीजे जारी करने का इंतजार कर रहे हैं. प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका चुनाव प्रचार के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी, लोगों और प्रेस से मिलने-जुलने पर लगी रोक की रिपोर्टों को लेकर चिंतित है. सदन में विदेश मामलों की समिति के सदस्य इलियोट एंजल ने चुनाव में सेना की भूमिका पर चिंता जताते हुए कहा कि पाकिस्तान के लोगों ने एक और मौका गंवा दिया.

तमाम मुश्किलों के बीच सम्पन्न हुआ चुनाव
इलियोट एंजल ने कहा, “मैं पाकिस्तान के लोगों को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने विभिन्न बाधाओं के बावजूद कल बहादुरी से वोट डाला. मुझे उम्मीद थी कि पाकिस्तान 2013 के चुनावों की परंपरा को बनाए रखेगा जब देश में पहली बार लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता हस्तांतरण हुआ था.” उन्होंने कहा, “लेकिन मैं पाकिस्तान की सेना के चुनावों को प्रभावित करने के आरोपों को बहुत गंभीरता से ले रहा हूं.” बहरहाल, उन्होंने कहा कि जो भी सरकार सत्ता में आती है वह उसके साथ काम करने के लिए तैयार हैं. दक्षिण एशिया और अफ़ग़ानिस्तान में शान्ति बहाल करने के मुद्दे पर बात करते हुए स्टेट डिपार्टमेन्ट के वक्ता ने कहा कि वाशिंगटन इस्लामाबाद के साथ मिलकर काम करना चाहता है.

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चीन ने भी दिए अच्छे रिश्तों के संकेत
उधर चीन की ओर से भी उम्मीद जतायी गई है कि पाकिस्तान विकास और स्थिरता की ओर आगे बढ़ेगा. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न चुनावों के बाद सरकार चाहे जिसकी भी बने चीन और पाकिस्तान के रिश्ते और मजबूत होंगें. ( इनपुट भाषा )