नई दिल्ली: पाकिस्तान के रावलपिंडी में सेना के मुख्यालय जनरल हेडक्वार्टर के बाहर सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के खिलाफ नारेबाजी की है. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के कई समर्थकों ने रावलपिंडी में आर्मी हेडक्वार्टर के बाहर इकट्ठे होकर आर्मी और ISI के खिलाफ नारेबाजी की. ‘ISI मुर्दाबाद’ और ‘ये जो दहशतगर्दी है उसके पीछे वर्दी है’ जैसे नारे लगाकर नवाज के समर्थकों ने नवाज की गिरफ्तारी का विरोध किया.

नवाज के समर्थकों ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में 25 जुलाई को होने वाले चुनाव पहले से फिक्स हैं और इसमें ISI ने धांधली की है. नवाज के समरथकों ने 21 जुलाई को अपनी पार्टी के नेता हनीफ अब्बासी को उम्रकैद दिए जाने के खिलाफ भी प्रोटेस्ट किया. इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हुए.

बलोच नेशनल मूवमेंट के अध्यक्ष जफर बलोच ने लिखा, ”पाकिस्ता की सड़कों पर लोगों ने खुले आम पाकिस्तानी आर्मी और ISI के खिलाफ नारे लगाए हैं. ये साबित करता है कि लोगों में इन दोनों संस्थाओं के खिलाफ गुस्सा है, ये ऐतिहासिक है.”

इससे पहले 14 जुलाई को भी इस्लामाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस शौकत सिद्दीकी ने न्यायपालिका और मीडिया में हस्ताक्षेप करने के लिए ISI की निंदा की थी. रावलपिंडी में बार एसोसिएशन में बोलते हुए ISI पर आरोप लगाया था कि वो चीफ जस्टिस और बाकी जजों पर फैसले को बदलने का दबाव डाल रहे हैं. बता दें कि भ्रष्टाचार मामले में पाकिस्तान के पूर्व पीएम नवाज शरीफ को 10 साल और उनकी बेटी मरियम को 7 साल की सजा सुनाई गई है.