इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का 2015 का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना से लड़ने के लिए मुजाहिदीनों के रूप में कश्मीरियों को उनके देश में प्रशिक्षित किया गया था. इस वीडियो को एक बार फिर ऑनलाइन प्रसारित किया गया है. इसमें वह कहते हुए दिख रहे हैं कि वे (जिहादी आतंकवादी) हमारे नायक थे.

क्वेटा से हामिद मंडोखेल ने एक मिनट 45 सेकंड का वीडियो मंगलवार को ट्विटर पर पोस्ट किया था. वीडियो यह दिखाने के लिए पोस्ट किया गया है कि आतंकवाद संबंधी पाकिस्तान की नीति ने पाकिस्तान में पश्तूनों को बर्बाद कर दिया.

मुशर्रफ का जो वीडियो वायरल हुआ है वह 2015 में दुनिया न्यूज द्वारा लिए गए एक साक्षात्कार का हिस्सा है.

पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के प्रेस सचिव रहे फरहतुल्लाह बाबर ने बाद में वीडियो को री-ट्वीट किया. बाबर के वीडियो को फिर से ट्वीट करने के बाद कई अन्य लोगों ने इसे साझा किया और इस पर टिप्पणी की.

वीडियो में, मुशर्रफ ने कहा कि पाकिस्तान आए कश्मीरियों का यहां नायक की तरह स्वागत किया गया. हम उन्हें प्रशिक्षित करते थे और उनका समर्थन करते थे. हम उन्हें मुजाहिदीन मानते थे जो भारतीय सेना के साथ लड़ेंगे. फिर, लश्कर-ए-तैयबा जैसे विभिन्न आतंकवादी संगठन बने. वे (जिहादी आतंकवादी) हमारे नायक थे.

मुशर्रफ ने कहा कि पाकिस्तान ने 1979 में अफगानिस्तान में धार्मिक उग्रवाद की शुरुआत की ताकि इसका लाभ उठाया जा सके और सोवियत संघ के सैनिकों को देश से बाहर कर दिया जाए.

मुशर्रफ ने कहा, ‘‘हम दुनिया भर से मुजाहिदीनों को लाए, हमने उन्हें प्रशिक्षित किया और उन्हें हथियार दिए. हमने तालिबान को प्रशिक्षित किया, उन्हें भेजा. वे हमारे नायक थे. हक्कानी हमारे नायक थे. ओसामा बिन लादेन हमारे नायक थे. अयमान अल-जवाहिरी था. हमारे नायक. उसके बाद वैश्विक वातावरण बदल गया. दुनिया चीजों को अलग तरह से देखने लगी. हमारे नायक खलनायक में बदल गए.’’

मुशर्रफ को 2007 में संविधान को स्थगित करने के लिए पाकिस्तान में राजद्रोह के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है. अभी वह दुबई में स्व-निर्वासन में रह रहे हैं.