What is C+1 Formula: बजट 2026 में मोबाइल, लैपटॉप से लेकर सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनियों को टैक्स छूट दी गई है. इससे भारत में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बेहतर होगा. विशेषज्ञों का कहना है कि सी प्लस वन फॉर्मूले का ख्याल रखते हुए बजट में ये दांव खेला गया है.
सी प्लस वन को चाइना प्लस वन फॉर्मूले के नाम से भी जाना जाता है. चाइना प्लस वन स्ट्रेटेजी एक व्यावसायिक दृष्टिकोण है. इसमें कंपनियां बीजिंग पर निर्भरता कम करने के लिए भारत, वियतनाम जैसे देशों में भी विस्तारित करती हैं. विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखलाओं में इसका ख्याल रखा जाता है.
चीन पर अमेरिका की सख्ती बढ़ रही है. और अगर ताइवान में कुछ होता है तो भारत चीन की जगह ले सकता है और दुनिया की फैक्ट्री बन सकता है.
अभी दुनिया का 40 फीसदी सामान चीन में ही बनता है. पर विशेषज्ञों का अनुमान है कि ट्रंप के टैरिफ जैसे कदम 2026 में काफी कुछ बदल सकते हैं. यह भारत को एक मौका दे रहे हैं, जिससे दिल्ली आर्थिक सुपर पावर बन सकता है.

(photo credit AI, for representation only)
ताइवान में दुनिया की 90 फीसदी चिप्स बन रही हैं. पर इस देश पर चीन की नजर है और अगर चाइना यहां हमला करता है तो पूरी ग्लोबल सप्लाई चेन बर्बाद हो जाएगी.
चीन में जनसंख्या घट रही है और यहां युवाओं की संख्या भी तेजी से कम हो रही है. वहीं भारत में 65 फीसदी आबादी युवा है, जो भारत की सप्लाई चेन के लिए सस्ता श्रम बन सकते हैं.
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात बढ़ सकता है. साथ ही सेमीकंडक्टर में भी काफी उम्मीदें हैं, जिसे देखते हुए 1.5 लाख करोड़ा का सेमीकंडक्टर मिशन भारत ने शुरू किया है.
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