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मंगलवार दोपहर पाकिस्तान के पेशावर शहर में एक आर्मी स्कुल के भीतर  जो मौत का तांडव खेला गया उससे सब सन्न रह गए। इस हमले में मारे गए मासूम बच्चो को दुनिया भर के लोगो ने श्रद्धांजलि दी। हर एक के मन में बस एक ही सवाल था की आखिर कोई व्यक्ति कैसे इतनी कठोरता से बच्चो को मौत के घाट उतार सकता है। इस हमले की ज़िम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान ने ली। आईये देखते है आखिर क्या है इस संघटन का मकसदAlso Read - इमरान खान से बात नहीं करना चाहते अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, पाकिस्तान बोला- हमारे पास अन्य 'विकल्प' हैं

कौन है तहरीक-ए-तालिबान
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के सीमा से सटे इलाकों में कार्यरत है। इस संघटन के अंतर्गत तकरीबन ३० गुट सक्रिय है। इस संघटन की शुरुवात साल २००७ में बैतुल्ला महसूद ने की थीं।साल २००१ से पहले अफ़ग़ानिस्तान में जब अराजकता फैली थीं, उस वक्त तालिबान के नेताओं ने उस में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया था। मगर २००१ में अमेरिका द्वारा हमला किये जाने के पश्चात वह वहा से भागकर पाकिस्तान में बस गए। उस वक्त पाकिस्तान ने भी उनका स्वागत किया था।मगर कुछ वर्षो के बाद तालिबान ने पाकिस्तान सरकार और उसकी सेना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बैतुल्ला महसूद की अगुवाही में तालिबान ने पाकिस्तान के कई शहरो में आतंक मचाया। Also Read - पाकिस्तान: मंदिर में तोड़फोड़ पर भारत सख्त, पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रभारी को किया तलब; जानिए पूरा मामला

साल २०१० में अमरीका ने तालिबान को आतंकवादी संघटन घोषित कर दिया। Also Read - अफगानिस्तान को लेकर ‘ट्रोइका’ बैठक करने जा रहा रूस, भारत को नहीं किया आमंत्रित; पाक, चीन हो सकते हैं शामिल

क्या है इनका मकसद
तालिबान के लोगो की माने तो उनका मुख्या मकसद है शरिया कानून को अमल में लाना। उन्होंने इसीका पाकिस्तान में कई बार प्रचार भी किया। यह लोग धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र को खत्म करने की भी बात करते हैं।

तालिबान के हमले

साल २००१ से अब तक तालिबान ने नजाने कितने घातक हमले किये और नजाने कितने मासूम बेगुनाह लोगो को मौत के घाट उतारा।

इसी संघठन ने कराची हवाईअड्डे पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी ली थीं।

साल २०१३ में तालिबान के एक आत्मघाती हमलावर ने चर्च में जाकर बम ब्लास्ट किया था। इस ब्लास्ट में तकरीबन १२० लोगो को अपनी जान गवाना पड़ी थी।
तालिबान के आतंकवादियों ने ही मलाला यूसुफ़ज़ई पर हमला किया था। मलाला को स्कुल जाने के लये गोली मारी गयी थी।