
Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने शनिवार को तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल जेल की कड़ी सजा सुनाई है. यह फैसला रावलपिंडी की हाई-सिक्योरिटी वाली अडियाला जेल में हुई सुनवाई के दौरान विशेष जज केंद्रीय शाहरुख अरजुमंद ने सुनाया.
यह पूरा मामला मई 2021 में इमरान खान के सऊदी अरब दौरे के दौरान मिले उपहारों से जुड़ा है. पाकिस्तानी जांच एजेंसी (FIA) के अनुसार, इमरान खान और बुशरा बीबी को सऊदी अरब के शाही परिवार से महंगे बुल्गारी (Bvlgari) गहनों का एक सेट उपहार में मिला था. और दंपत्ति पर आरोप है कि इमरान खान ने इस बेशकीमती ज्वेलरी सेट की कीमत का गलत मूल्यांकन कराया और बहुत ही मामूली रकम सरकारी खजाने में जमा कर इसे अपने पास रख लिया. जांच में पाया गया कि इन गहनों की वास्तविक बाजार कीमत करोड़ों में थी, जिसे कम दिखाकर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया. इसे उपहार के जांच में हेराफेरी के मामले को ही तोशाखाना केस कहा जा रहा है.
Pakistan’s Dawn reports – “A special court of the Federal Investigation Agency (FIA) on Saturday sentenced PTI founder Imran Khan and his wife Bushra Bibi to 17 years imprisonment in the Toshakhana-2 case. The case pertains to the purchase of an expensive Bulgari jewellery set,… pic.twitter.com/LOtVNMr9pq
— ANI (@ANI) December 20, 2025
पाकिस्तान की अदालत ने इमरान खान को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की दो अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी माना है. उन्हें धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात/धोखाधड़ी) के तहत 10 साल के कठोर कारावास की सजा दी गई है. इसके अतिरिक्त, लोक सेवकों द्वारा किए गए आपराधिक कदाचार के मामले में उन्हें 7 साल की सजा सुनाई गई है. इस तरह उन्हें कुल 17 साल जेल में बिताने होंगे.
उनकी पत्नी बुशरा बीबी को भी इन्हीं समान आरोपों में 17 साल की सजा सुनाई गई है. अदालत ने केवल जेल ही नहीं, बल्कि दोनों पर 1 करोड़ 64 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है. यदि वे इस जुर्माने की राशि भरने में विफल रहते हैं, तो उन्हें और अधिक समय तक सलाखों के पीछे रहना होगा.
अदालत में अपना पक्ष रखते हुए इमरान खान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने दलील दी कि उन्होंने तोशाखाना नीति 2018 के तहत सभी उचित प्रक्रियाओं का पालन किया था. इमरान के अनुसार, उपहार की सूचना प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रोटोकॉल अनुभाग को नियमानुसार दी गई थी और उसका मूल्यांकन होने के बाद कानूनी तौर पर भुगतान करके ही उसे हासिल किया गया था.
इमरान खान पिछले करीब ढाई साल से जेल में बंद हैं. पाकिस्तान की वर्तमान राजनीति इस समय बेहद नाजुक मोड़ पर है. एक तरफ इमरान खान का सेना प्रमुख से टकराव जगजाहिर है, वहीं दूसरी ओर नवाज शरीफ की पार्टी PML-N और बिलावल भुट्टो की PPP के सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ उनकी सियासी जंग ने पूरे देश में उथल-पुथल मचा रखी है. इमरान के समर्थकों का आरोप है कि ये सभी मामले उन्हें राजनीति से दूर रखने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं.
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