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What is ASEAN: क्या है आसियान, कौन-कौन से देश हैं इसमें शामिल? जानिए भारत और इस संगठन रिश्ता
What is ASEAN? 1994 में आसियान ने एशियन रीजनल फोरम(ARF) की स्थापना की जिसका उद्देश्य दक्षिण एशिया की सुरक्षा को बढ़ावा देना था.
ASEAN : एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस आसियान (ASEAN) दस दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का एक समूह है इस संगठन में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम शामिल है. आसियान में शामिल सभी देश आपस में आर्थिक विकास और समृद्धि को बढ़ावा देने और क्षेत्र में शांति और स्थिरता कायम करने के लिए निरंतर कार्य करते रहते हैं. आसियान का मुख्यालय इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में है और इस संगठन की स्थापना 8 अगस्त 1967 को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आपसी सहमति के साथ की गई थी.
इसके संस्थापक सदस्य देश थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलिपींस और सिंगापुर थे. ब्रूनेई इस संगठन में 7 जनवरी 1984 में शामिल हुआ और 28 जुलाई 1995 को वियतनाम भी इसका सदस्य बन गया ,23 जुलाई 1997 को इसमें लाओस और बर्मा इसके सदस्य बन गए और कंबोडिया 30 अप्रैल 1999 को इस संगठन में शामिल हुआ था.
क्या करता है आसियान?
1976 में आसियान की पहली बैठक में इसका ऐजेंडा तय करते हुए बंधुत्व और सहयोग की संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे.1994 में आसियान ने एशियन रीजनल फोरम(ARF) की स्थापना की जिसका उद्देश्य दक्षिण एशिया की सुरक्षा को बढ़ावा देना था. अमेरिका, रूस, भारत, चीन, जापान और उत्तरी कोरिया सहित ARF के कुल 23 सदस्य देश हैं.आसियान प्लस तीन (ASEAN+3)एक ऐसा मंच है जो आसियान के सदस्य देशों तथा तीन पूर्वी एशियाई देशों चीन, जापान तथा दक्षिण कोरिया के मध्य सामंजस्य का कार्य करता है.
पांच वर्ष होता है आसियान के सेक्रेट्री जनरल का कार्यकाल
आसियान ने चार्टर में अपने उद्देश्य के बारे में बताया है. इसका पहला उद्देश्य सदस्य देशों की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता को कायम रखना, आपसी झगड़ों का शांतिपूर्ण निपटारा करना है . इस संगठन के सेक्रेट्री जनरल का काम आसियान द्वारा पारित किए प्रस्तावों को लागू करवाने है, इनका कार्यकाल पांच वर्ष का होता है. वर्तमान में कंबोडिया के DR. KAO KIM HOURN इसके सेक्रेट्री जनरल है. आसियान की निर्णायक बॉडी में राज्यों के प्रमुख होते हैं जिसकी वर्ष में एक बार बैठक होती है.
शानदार रहा है भारत- आसियान सबंध
भारत का आसियान देशों के साथ पौराणिक समय से ही गहरा रिश्ता रहा है ,चोल राजा के राज्य के समय आसियान हमारा सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदारों में से एक था.आसियान के साथ भारत का संबंध विदेश नीति का एक प्रमुख स्तंभ रहा है और हमारी एक्ट ईस्ट नीति की नींव इस पर टिकी हुई है.भारत 1992 में आसियान का क्षेत्रीय भागीदार 1996 में वार्ता भागीदार और 2002 में शिखर सम्मेलन स्तर का भागीदार बन गया था. 2012 में रणनीतिक साझेदारी में संबंधों का बदलना भारत के लिए एक स्वाभाविक प्रगति थी.
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