फेसबुक डाटा चोरी में फंसे कैंब्रिज एनालिटिका मामले में नया मोड़ आ गया है. व्हिसल ब्लोअर क्रिस्टोफर वाइली ने आज ब्रिटिश संसद में नया खुलासा किया है जिससे देश में कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. कैंब्रिज एनालिटिका के पूर्व कर्मचारी वाइली ने ब्रिटिश संसद में कहा कि भारत में कैंब्रिज एनालिटिका का दफ्तर है कई कर्मचारी वहां काम करते हैं. एनालिटिका ने भारत में बहुत काम किया है. कंपनी ने वहां कई प्रोजेक्ट किए हैं. शायद कांग्रेस के लिए भी काम किया था. कैंब्रिज एनालिटिका ने कौन से नेशनल प्रोजेक्ट किए हैं ये तो याद नहीं, लेकिन उसने कई राज्यों में काम किया था. भारत के  वाइली के इस बयान से बीजेपी के उस आरोप को बल मिला है जिसमें उसने कहा था कि कांग्रेस ने चुनाव के लिए कैंब्रिज एनालिटिका की मदद ली थी. Also Read - सीबीआई ने डाटा चोरी को लेकर फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका से डेटा कलेक्शन के तरीके का ब्योरा मांगा

संसदीय समिति के सदस्य और लेबर पार्टी के सांसद पॉल फेर्रेली ने विली से पूछताछ के दौरान सवाल किया, जब आप फेसबुक के सबसे बड़े बाजार को देखते हैं तो उपयोगकर्ताओं की संख्या के लिहाज से भारत शीर्ष पर आता है. साफ तौर पर वह एक ऐसा देश है जहां राजनीतिक कलह है और अस्थिर किये जाने की गुंजाइश है. विली ने जवाब दिया, उन्होंने (कैंब्रिज एनालिटिका) भारत में व्यापक रूप से काम किया. भारत में उनका कार्यालय है.

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि कांग्रेस उनकी क्लाइंट थी लेकिन मुझे मालूम है कि उन्होंने सभी तरह के प्रोजेक्ट किए थे. मुझे किसी नेशनल प्रोजेक्ट के बारे में नहीं मालूम है लेकिन मैं क्षेत्रीय योजना के बारे में जानता हूं. भारत इतना बड़ा है कि एक राज्य ब्रिटेन जितना बड़ा हो सकता है. वहां उनके कार्यालय और कर्मचारी हैं.

विली ने समिति से भारत से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने की पेशकश की, जिनका फेर्रेली ने स्वागत किया. फेर्रेली ने कहा कि भारत ऐसा देश है, जिसे अधिक तनाव नहीं चाहिए. 

कांग्रेस पर बीजेपी हमलावर

वहीं, वाइली के बयान के बाद बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर हो गई है. बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल को इस पर माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा, आज व्हिसल ब्लोअर क्रिस्टोफर वाइली ने साफ कर दिया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने कांग्रेस के साथ काम किया था. इसने राहुल गांधी को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है जो इसे लगातार इससे इनकार कर दिया था. कांग्रेस और राहुल गांधी को अब माफी मांगनी चाहिए.

इस पर कांग्रेस ने भी बीजेपी पर पलटवार किया. प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अगर आपके पास सबूत हैं तो उनके आधार पर कार्रवाई कीजिए, एफआईआर दर्ज करवाइए. हम आपको चैलेंज करते हैं. लेकिन सरकार ऐसा नहीं करना चाहती क्योंकि इससे वह एक्सपोज हो जाएगी.

पांच करोड़ डाटा चोरी

बता दें कि कैंब्रिज एनालिटिका पर फेसबुक के 5 करोड़ सदस्यों से जुड़ी जानकारियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगा है. 21 मार्च को केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कैंब्रिज एनालिटिका केस में सख्त प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा कि फेसबुक द्वारा अवांछनीय तरीके से भारत की चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जरूरत पड़ी तो फेसबुक जैसे सोशल मीडिया मंचों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

रविशंकर प्रसाद ने सवाल उठाया था कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रोफाइल में कैंब्रिज एनालिटिका का क्या रोल है? उन्होंने कहा कि सरकार साइबर सुरक्षा के लिए गंभीर है. इसका दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं करेगी.

फेसबुक डाटा लीक मामलाः जानिए ब्रिटेन से चलकर कैसे भारत पहुंचा विवाद

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ये है मामला

कैंब्रिज एनालिटिका नामक ब्रिटेन की एक कंपनी ने फेसबुक के 5 करोड़ यूजर्स का डाटा चोरी किया और इसका अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान व्यावसायिक इस्तेमाल किया. दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक के डाटा लीक प्रकरण की आंच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान से लेकर भारत में बिहार के विधानसभा चुनाव तक पहुंची. कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर इस डाटा के आधार पर चुनाव जीतने-हारने का आरोप लगाने लगे. मामले ने इतना तूल पकड़ा कि भारत के कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग को कार्रवाई की धमकी दे डाली. इसी बीच वैश्विक मीडिया में इस खबर के आने के बाद बीते मंगलवार को कैंब्रिज एनालिटिका ने अपने चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अलेक्जेंडर निक्स को सस्पेंड कर दिया. अंततः मार्क जुकरबर्ग ने एक पोस्ट लिखकर डाटा सुरक्षित न रखने को लेकर माफी मांगी.