
Vineet Sharan
Vineet Sharan Srivastava एक भारतीय पत्रकार और डिजिटल न्यूज एक्सपर्ट हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 17 वर्षों का अनुभव है. वह असिस्टेंट न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं ... और पढ़ें
Greenland White House: वेनेजुएला के बाद अब ग्रीनलैंड पर अमेरिका एक्शन ले सका है. व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए कई विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं. राष्ट्रपति भवन की ओर से यह भी कहा गया है कि अमेरिकी सेना का इस्तेमाल करने का विकल्प अभी भी खुला है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह साफ कर दिया है कि ग्रीनलैंड को हासिल करना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता है. आर्कटिक क्षेत्र में हमारे दुश्मनों को रोकने के लिए यह बहुत जरूरी है. राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम इस महत्वपूर्ण विदेश नीति के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई विकल्पों पर चर्चा कर रही है. निश्चित रूप से, कमांडर इन चीफ के पास अमेरिकी सेना का इस्तेमाल करने का विकल्प हमेशा होता है.
विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस हफ्ते सांसदों से कहा कि ट्रंप प्रशासन ग्रीनलैंड को खरीदने पर विचार कर रहा है. तब एक सूत्र ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के बारे में चिंताओं को कम करके आंका.
व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सहयोगी स्टीफन मिलर ने सोमवार को इस रुख को दोहराया और कहा कहा कि कोई भी “ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर” अमेरिका से सैन्य रूप से नहीं लड़ेगा. उन्होंने डेनमार्क के क्षेत्र पर दावा करने के अधिकार पर सवाल उठाया.
वहीं यूरोपीय नेताओं की ओर से डेनमार्क के लिए समर्थन का बयान जारी किया, जिन्होंने मंगलवार को कहा कि आर्कटिक द्वीप उसके लोगों का है. फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन, ब्रिटेन और डेनमार्क के नेताओं ने कहा कि आर्कटिक में सुरक्षा नाटो सहयोगियों के साथ मिलकर हासिल की जानी चाहिए, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका भी शामिल है.
डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने सोमवार को कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी सैन्य हमला प्रभावी रूप से NATO को खत्म कर सकता है. ग्रीनलैंड ने मंगलवार को कहा कि उसने ट्रंप प्रशासन के हालिया बयानों के बाद रूबियो के साथ बैठक का अनुरोध किया है.
रूबियो की टीम के अनुरोध पर, विदेश विभाग ने हाल के महीनों में ग्रीनलैंड में संसाधनों का विश्लेषण प्रदान किया, जिसमें रेयर अर्थ भी शामिल है.एक निष्कर्ष यह था कि ये संसाधन कितने विशाल हो सकते हैं, इसका कोई विश्वसनीय अध्ययन नहीं है. ठंडे तापमान और बुनियादी ढांचे की कमी को देखते हुए संसाधनों तक पहुंचने में बहुत अधिक लागत आएगी.
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