Who Is Kulman Ghising Nepal New Interim Prime Minister Know All About Him
किसके हाथ में होगी नेपाल की कमान? सियासी गलियों में अब कुलमान घिसिंग का नाम, कभी बिजली संकट खत्म कर लाए थे रोशनी
नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता के बीच कुलमान घिसिंग प्रधानमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं. भारत में पढ़ाई कर चुके और ऊर्जा सुधारों के लिए मशहूर घिसिंग ने अपने कार्यकाल में नेपाल को बिजली संकट और लंबे ब्लैकआउट से छुटकारा दिलाया था.
Who is Kulman Ghising: नेपाल की राजनीति इन दिनों बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है. लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों और नेतृत्व संकट के बीच अब कुलमान घिसिंग का नाम सबसे आगे उभरकर सामने आया है. पावर सेक्टर में सुधार कर देश को ब्लैकआउट से निकालने वाले घिसिंग को अब जनता और सियासत, दोनों ही उम्मीद की किरण मान रहे है. माना जा रहा है कि वह देश के अगले अंतरिम प्रधानमंत्री बन सकते हैं.
नेपाल आर्मी ने पूरे देश में सख्त पाबंदियां लगाई हैं और गुरुवार सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेन-जी समूह अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए जिन नामों पर विचार कर रहा है उनमें पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की, काठमांडू के मेयर बालेन्द्र शाह और कुलमान घिसिंग शामिल हैं.
कौन हैं कुलमान घिसिंग?
लोडशेडिंग खत्म करने वाले: कुलमान घिसिंग को नेपाल में सालों तक चली लोडशेडिंग खत्म करने का श्रेय दिया जाता है. वह पेशे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं.
शिक्षा: उन्होंने भारत के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जमशेदपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया. इसके बाद नेपाल की त्रिभुवन यूनिवर्सिटी, पुलचोक से पावर सिस्टम इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की.
करियर: घिसिंग ने 1994 में नेपाल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (NEA) से अपने करियर की शुरुआत की. 2016 में उन्हें NEA का प्रबंध निदेशक बनाया गया और उन्होंने 18 घंटे तक चलने वाली बिजली कटौती को खत्म कर घर-घर अपनी पहचान बनाई. 2020 में उन्हें पद से हटा दिया गया, लेकिन 2021 में वे फिर से इस पद पर लौटे.
NEA से बर्खास्तगी: केपी शर्मा ओली सरकार ने 24 मार्च 2025 को उनका कार्यकाल खत्म होने से चार महीने पहले ही NEA के कार्यकारी निदेशक पद से हटा दिया. उनकी जगह हितेन्द्र देव शाक्य को नियुक्त किया गया.
Add India.com as a Preferred Source
विरोध और आलोचना: उनकी बर्खास्तगी पर विपक्षी दलों और सिविल सोसाइटी ने नाराजगी जताई. लोगों का मानना था कि घिसिंग को उनकी काबिलियत के बजाय राजनीतिक कारणों से हटाया गया, जबकि उन्होंने लोडशेडिंग जैसी गंभीर समस्या को खत्म किया था.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.