
Tanuja Joshi
हल्द्वानी से दिल्ली के बड़े न्यूजरूम तक... तनुजा जोशी, उत्तराखंड के शांत और खूबसूरत शहर हल्द्वानी से ताल्लुक रखती हैं. देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी ... और पढ़ें
Who is Narges Mohammadi: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और ईरान की जानी-मानी मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी (Narges Mohammadi) को एक बार फिर ईरान में गिरफ्तार कर लिया गया है. महिलाओं के अधिकारों, अभिव्यक्ति की आजादी और मौत की सजा के खिलाफ आवाज उठाने वाली मोहम्मदी अब तक 13 बार जेल जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने संघर्ष को कभी रोका नहीं. ताजा गिरफ्तारी ने एक बार फिर ईरान में असहमति की आवाजों पर सख्ती और मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है.
नोबेल समिति ने ईरानी अधिकारियों से तुरंत उनके ठिकाने के बारे में साफ करने की अपील की है. मोहम्मदी की फ्रांसीसी वकील, शिरिन अर्दकानी ने X पर कहा कि मानवाधिकार कार्यकर्ता को शुक्रवार को मशहद शहर में वकील खोसरो अलीकोर्डी की याद में आयोजित कार्यक्रम में उनकी संदिग्ध मौत की निंदा करने के बाद गिरफ्तार किया गया था.
मशहद के प्रॉसिक्यूटर हसन हेमातिफर ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि समारोह के बाद गिरफ्तार किए गए 39 लोगों में मोहम्मदी भी शामिल थीं. तसनीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि हेमातिफर ने कहा कि उन्होंने और अलीकोर्डी के भाई ने कार्यक्रम में भड़काऊ बातें कहीं और वहां मौजूद लोगों को ‘नियम तोड़ने वाले नारे लगाने’ और शांति भंग करने के लिए उकसाया.
2023 का नोबेल शांति पुरस्कार ईरान की जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को दिया गया था. पिछले 20 सालों से वे महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ रही हैं और इसी वजह से वे ईरान की तानाशाही व्यवस्था के खिलाफ आजादी की एक मजबूत आवाज बन गई हैं. साल 2003 में नरगिस मोहम्मदी ने डिफेंडर्स ऑफ ह्यूमन राइट्स सेंटर से जुड़कर काम शुरू किया, जिसे नोबेल शांति पुरस्कार विजेता शिरीन इबादी ने बनाया था. इसके बाद उन्होंने जेल में बंद कार्यकर्ताओं की मदद की, मृत्युदंड के खिलाफ अभियान चलाया और सरकार की तरफ से किए जाने वाले अत्याचार, यातना और महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा की खुलकर आलोचना की.
हालांकि, इस संघर्ष की उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ी. अब तक उन्हें 13 बार गिरफ्तार किया गया और कुल मिलाकर 31 साल की जेल और 154 कोड़ों की सजा सुनाई गई. अक्टूबर 2023 में जब उनके नोबेल पुरस्कार की घोषणा हुई, तब वे तेहरान की कुख्यात एविन जेल में बंद थीं. जेल में रहते हुए भी नरगिस मोहम्मदी 2022 में ईरान में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों की अहम आवाज बनी रहीं. ये प्रदर्शन एक कुर्द युवती महसा जीना अमीनी की गिरफ्तारी और हिरासत में मौत के बाद शुरू हुए थे. उस पर आरोप था कि उसने सही तरीके से सिर नहीं ढका था. इन प्रदर्शनों को सरकार ने सख्ती से कुचल दिया, जिसमें 500 से ज्यादा लोगों की मौत, हजारों के घायल होने और 20 हजार से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की खबरें सामने आईं थी.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें World Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.