जिनेवाः विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को चेतावनी दी कि कोविड-19 के उपचार में बिना परीक्षण वाली दवाओं का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है और इससे झूठी उम्मीदें जग सकती हैं. डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टी. ए. गेब्रेयेसस ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘बिना सही साक्ष्य के बिना परीक्षण वाली दवाओं का इस्तेमाल करने से झूठी उम्मीदें जग सकती हैं और यह लाभ के बजाए ज्यादा नुकसान कर सकती हैं और आवश्यक दवाओं की कमी हो सकती है जिनकी जरूरत अन्य बीमारियों के उपचार में होती हैं.’’ Also Read - कोरोना के कारण मजदूरों का पलायन: कोर्ट ने तलब की रिपोर्ट, डर दहशत को बताया वायरस से भी बड़ी समस्या

बता दें कि इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर से परेशान है ऐसे में कई बार सोशल मीडिय में यह देखा गया कि बहुत लोगों ने इस वायरस के इलाज का दावा किया. फिलहाल अभी विश्व के बड़े देश इसकी वैक्सीन को खोजने में लगे हुए हैं. Also Read - Covid-19: निजामुद्दीन के मरकज में सैंकड़ों कोरोना संदिग्ध, दिल्ली सरकार ने दिया मौलाना पर FIR दर्ज करने का आदेश

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि परेशानी की परिस्थितियों में हम ऐसी भ्रामक बातों पर विश्वास तो जरूर कर लेते हैं लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बिना परीक्षण वाली दवाएं हमारे शरीर को ज्यादा नुकसान दे सकती है. Also Read - COVID-19 से दुनिया में मौतों का आंकड़ा 34,610, संक्रमण के 7 लाख 27 हजार से ज्‍यादा केस