जिनेवाः विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को चेतावनी दी कि कोविड-19 के उपचार में बिना परीक्षण वाली दवाओं का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है और इससे झूठी उम्मीदें जग सकती हैं. डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टी. ए. गेब्रेयेसस ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘बिना सही साक्ष्य के बिना परीक्षण वाली दवाओं का इस्तेमाल करने से झूठी उम्मीदें जग सकती हैं और यह लाभ के बजाए ज्यादा नुकसान कर सकती हैं और आवश्यक दवाओं की कमी हो सकती है जिनकी जरूरत अन्य बीमारियों के उपचार में होती हैं.’’ Also Read - Viral Post of Dr Manisha Jadhav: कोविड से जंग हारने वाली डॉक्टर का संदेश- ये संभवतः मेरा अंतिम गुड मॉर्निंग है और फिर...

बता दें कि इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस के कहर से परेशान है ऐसे में कई बार सोशल मीडिय में यह देखा गया कि बहुत लोगों ने इस वायरस के इलाज का दावा किया. फिलहाल अभी विश्व के बड़े देश इसकी वैक्सीन को खोजने में लगे हुए हैं. Also Read - ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए टाटा समूह Cryogenic Containers का करेगा आयात, कोरोना से जंग होगी तेज

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि परेशानी की परिस्थितियों में हम ऐसी भ्रामक बातों पर विश्वास तो जरूर कर लेते हैं लेकिन हमें यह भी ध्यान रखना चाहिए कि बिना परीक्षण वाली दवाएं हमारे शरीर को ज्यादा नुकसान दे सकती है. Also Read - दिल्ली ने 'लूट' लिया हरियाणा का ऑक्सीजन टैंकर, आरोप लगा बोले अनिल विज- अब साथ भेजेंगे पुलिस एस्कॉर्ट