वाशिंगटन: व्हाइट हाउस ने कहा है कि अगर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) भ्रष्टाचार तथा चीन पर भरोसा समाप्त करे तो अमेरिका वैश्विक निकाय में फिर से शामिल होने के बारे में विचार करेगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को डब्ल्यूएचओ के साथ अमेरिका के संबंधों को समाप्त कर दिया था. उन्होंने निकाय पर आरोप लगाया था कि उसने दुनिया भर में 3,70,000 से अधिक लोगों की जान लेने वाले कोरोना वायरस के बारे में दुनिया को गलत जानकारी दी तथा व चीन से मिला हुआ है.Also Read - Tokyo Olympics 2020 Medal Count (29 July) : जापान, अमेरिका को पछाड़ चीन बना नंबर-1, भारत को दूसरे पदक का इंतजार, टॉप-10 लिस्‍ट

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने रविवार को एबीसी न्यूज से कहा, ‘‘डब्ल्यूएचओ में सुधार की जरूरत है. राष्ट्रपति ने जो कहा है, अगर डब्ल्यूएचओ सुधार करता है और भ्रष्टाचार को समाप्त करता है तथा चीन पर निर्भरता को खत्म करता है, तो अमेरिका बहुत गंभीरता से वापस आने के बारे में विचार करेगा. ” Also Read - Baal Ki Chori: इंदौर से कोलकाता भेजे जा रहे बालों की हो गई चोरी, कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश

अमेरिका ने कहा है कि वह डब्ल्यूएचओ को जो करीब 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर देता है, वह राशि अन्य अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य निकायों को दी जाएगी. Also Read - चीन में तूफान इन-फा ने दस्‍तक दी , हेन्‍नान में 1000 सालों में सबसे अधिक बारिश, बाढ़ से 63 मौतें

उन्होंने कहा कि इस बीच हम वो 40 करोड़ डॉलर लेने जा रहे हैं जो अमेरिका खर्च करता है जबकि चीन डब्ल्यूएचओ पर चार करोड़ डॉलर खर्च करता है. हम यह सुनिश्चित करने जा रहे हैं कि यह राशि अग्रिम पंक्ति में काम करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को मिले.

उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ अफ्रीका में एड्स और एचआईवी पीड़ितों का जीवन नहीं बचा रहा है. यह काम अमेरिका और हमारे उदार करदाता कर रहे हैं. हम इसे डब्ल्यूएचओ के माध्यम से नहीं कर रहे हैं. हम इसे अमेरिका के रूप में कर रहे हैं.

ब्रायन ने कहा कि हम उसी पैसे को वापस लेने जा रहे हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि यह डॉक्टरों, रेड क्रॉस और दुनिया भर के अस्पतालों को मिले, जिन्हें इसकी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि यह राशि एक भ्रष्ट अंतरराष्ट्रीय संगठन के माध्यम से नहीं जाएगी जिस पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का नियंत्रण है.

ब्रायन ने रविवार को ही सीएनएन चैनल पर प्रसारित एक अन्य टॉक शो में कहा कि चीन से निपटने के लिए अमेरिका के पास कई उपाय हैं.