चीन ने अपने पूर्व रक्षा मंत्रियों को क्यों दी मौत की सजा? शी जिनपिंग के इस फैसले से सेना में हड़कंप, अब जंग कैसे लड़ेगी PLA?

चीन में पोलित ब्यूरो के मेंबर रहे पूर्व रक्षा मंत्री जनरल झांग और ली शांगफू को भ्रष्टाचार के आरोप में एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई है. ये पहली बार है जब पीपल्स लिबरेशन आर्मी के इतने बड़े अधिकारियों को इतनी सख्त सजा सुनाई गई हो.

Written by: Shivendra Rai
Published: May 8, 2026, 12:39 PM IST

China News: चीन में दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा सुनाई गई है. वेई फेंगहे और ली शांगफू को भ्रष्टाचार के आरोपों में ये मृत्युदंड मिला है. वेई फेंगहे और ली शांगफू चीन के शीर्ष सैन्य अधिकारी रह चुके हैं. इन पूर्व अधिकारियों को राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा 2012 में सत्ता में आने के बाद शुरू किए गए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत पद से हटा दिया गया था.

चीन की सरकारी मीडिया एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, सैन्य अदालत ने 72 वर्षीय वेई को रिश्वत लेने का दोषी पाया. जबकि 68 वर्षीय ली को रिश्वत लेने और देने, दोनों का दोषी ठहराया गया. साल 2012 से ही चीन में कई बड़े सैन्य अधिकारियों को सत्ता से हटाया जा चुका है. शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का मुख्य निशाना सशस्त्र बल रहे हैं.

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि शी जिनपिंग का शिकंजा अब देश की सबसे विशिष्ट सैन्य ईकाई रॉकेट फोर्स’ तक भी पहुंच गया है. ‘रॉकेट फोर्स’ परमाणु हथियारों के साथ-साथ पारंपरिक मिसाइलों का जिम्मा भी संभालती है.

चीनी सेना में हड़कंप क्यों है?

इस साल की शुरुआत में पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के टॉप जनरल झांग यूशिया को हटा दिया गया था. जनरल झांग पोलित ब्यूरो के मेंबर भी थे और लंबे समय से शी जिनपिंग के सहयोगी थे. सैन्य अधिकारियों पर जिस तरह से कड़ी कार्रवाई की जा रही है उसे देखते हुए माना जा रहा है कि शी जिनपिंग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. लंबे समय से चीन की सत्ता और कम्यूनिस्ट पार्टी को अपने कंट्रोल में रखने वाले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग हर उस शख्स को रास्ते से हटाने में जुटे हैं जो उनकी ताकत और सत्ता पर पकड़ के लिए चुनौती बन सकता है.

मौत की सजा पाए अधिकारियों पर क्या गंभीर आरोप थे?

शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, 68 वर्षीय ली शांगफू पर रिश्वत में बहुत ज़्यादा पैसे लेने और दूसरों को रिश्वत देने का आरोप था. एक जांच में पाया गया कि उन्होंने राजनीतिक जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं. ली शांगफू पर अपने और दूसरों के लिए पर्सनल फायदे मांगने का आरोप भी लगा. वहीं 2023 में वेई फेंगहे के खिलाफ जांच में पाया गया कि उन्होंने रिश्वत में बहुत ज्यादा पैसे और कीमती सामान लिए थे. जनरल वेई को दूसरों को पर्सनल अरेंजमेंट में गलत फायदे दिलाने में मदद करने के मामले में भी दोषी पाया गया. बता दें कि चीन में ये पहली बार है जब इतने शीर्ष सैन्य अधिकारियों को मौत की सजा सुनाई गई हो.

अभी नहीं दी जाएगी मौत की सजा

शिन्हुआ के अनुसार, दोनों पूर्व सैन्य अधिकारियों को मौत की सजा अभी नहीं दी जाएगी. इसे दो साल के लिए टाल दिया गया है. इसका मतलब है कि अगर ली और वेई अच्छा बर्ताव करते हैं, तो उनकी सजा शायद उम्रकैद में बदल दी जाएगी. हालांकि इन दोनों को अब कोई पैरोल नहीं मिलेगी. इन दोनों से उनके सभी राजनीतिक अधिकार और उनकी सारी निजी संपत्ति हमेशा के लिए छीन ली गई है.

माना जा रहा है कि ये सजाएं सेना के दूसरे जनरलों के लिए एक चेतावनी का काम करेंगी. ये शी जिनपिंग का बाकियों को एक संदेश है कि ऊंचा ओहदा और जान-पहचान भी उन्हें सजा से बचा नहीं सकता. बता दें कि ली 2023 में सात महीने तक रक्षा मंत्री रहे थे. उनसे पहले वेई इस पद पर थे जिन्होंने पांच साल तक यह जिम्मेदारी संभाली थी. हालांकि, चीन में रक्षा मंत्री के पद के पास असल में बहुत ज्यादा ताकत नहीं होती. सेना से जुड़े सभी मामले चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के ‘सेंट्रल मिलिट्री कमीशन’ द्वारा देखे जाते हैं. लेकिन ली शांगफू और वेई फेंगहे ने पहले ऐसे पदों पर काम किया था जहां उन्हें बड़े बजट और संवेदनशील जानकारियों तक पहुंच हासिल थी.

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