इंग्लैंड में सर्दी आते ही तापमान जीरो डिग्री से नीचे गिर जाता है और सड़कों पर बर्फ जमने लगती है जिससे फिसलन बढ़ती है और एक्सीडेंट का खतरा कई गुना हो जाता है. नमक डालने से पानी का फ्रीजिंग पॉइंट कम हो जाता है यानी बर्फ आसानी से नहीं जमती और जो जम चुकी है वो जल्दी पिघल जाती है. इस प्रोसेस को ग्रिटिंग कहते हैं और सरकार हर साल लाखों टन रॉक सॉल्ट सड़कों पर फेंकती है ताकि हादसे कम हों. पैदल चलने वाले बच्चे बुजुर्ग सब सुरक्षित रहें और गाड़ियां बस ट्रेन एम्बुलेंस बिना रुके चलती रहें.
मौसम विभाग का अलर्ट और सरकार की तैयारी
यूके का मौसम विभाग जैसे ही बर्फबारी या ठंड का अलर्ट देता है वैसे ही लोकल काउंसिल और हाईवे एजेंसी की ग्रिटर मशीनें निकल पड़ती हैं और रातों-रात सड़कों को नमक से ढक देती हैं. अगर पहले से नमक डाल दिया जाए तो बर्फ जम ही नहीं पाती या बहुत कम असर करती है जिससे हाईवे बंद होने का डर खत्म हो जाता है. इमरजेंसी सर्विसेज कभी नहीं रुकती लोग सुबह घर से निकलने में डरते नहीं और स्कूल ऑफिस सब समय पर खुलते हैं. ये पहले से तैयारी की वजह से हर साल हजारों हादसे और करोड़ों पाउंड का नुकसान बच जाता है.
नमक डालने के फायदे और साइंस
नमक की परत से सड़कें फिसलन मुक्त रहती हैं टायर को ग्रिप मिलती है और ड्राइवर को कंट्रोल रखने में आसानी होती है. बर्फ पिघलकर पानी बनता है जो नालियों में चला जाता है और सड़क फिर सूखी रहती है. ये तरीका सबसे सस्ता तेज और भरोसेमंद है इसलिए इंग्लैंड अमेरिका कनाडा जैसे ठंडे देश सालों से यही करते हैं. नमक डालकर सरकार सिर्फ जान नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था को भी बचाती है क्योंकि एक दिन का लॉकडाउन भी अरबों का नुकसान कर देता है.
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