ईरान-इजरायल जंग में अब तक क्या-क्या हुआ? पूरी दुनिया के लिए अगले 48 घंटे बेहद अहम, छिड़ सकता है 'महायुद्ध'
ईरान ने मंगलवार को इजरायल पर करीब 200 मिसाइलें दागी हैं. जिसके बाद मिडिल ईस्ट में बड़ी जंग का खतरा पैदा हो गया है. इसके बाद माना जा रहा है कि पूरी दुनिया के लिए अगले 48 घंटे बेहद अहम रहने वाले हैं.
इजरायल और ईरान लंबे समय से एक-दूसरे के साथ 'शेडो वॉर' में करते आए हैं. दोनों देश अक्सर जिम्मेदारी लिए बिना एक-दूसरे पर हमले करते रहे हैं. लेकिन हमास और इजरायल के बीच जंग के बाद ईरान भी जंग का अखाड़ा बन गया है. ईरान ने इजरायल पर मंगलवार (1 अक्टूबर) को 200 मिसाइल दागकर हमला कर बड़ा पलटवार किया है. जिसके बाद मिडिल ईस्ट में जंग की तपिश और भी बढ़ती जा रही है. ईरान ने इजरायल पर हमला करके हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह की मौत का बदला ले लिया है. वहीं अब इजरायल और ईरान के बीच सीधी जंग की शुरुआत हो गई है. इसके बाद क्या लेबनान-ईरान और क्या इजरायल सब एक-दूसरे को पूरी तरह खत्म करने पर तुले हुए हैं.
अब पूरी दुनिया के लिए अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं क्योंकि ऐसा माना जा रहा है कि इस दौरान महायुद्ध की शुरुआत हो सकती है. इस समय पश्चिम एशिया सबसे उथल-पुथल भरे दौर में है. आने वाले समय में इस क्षेत्र में संघर्ष बढ़ सकता है. अमेरिका ने भी इजरायल की मदद का ऐलान कर दिया है. फिलहाल, हालिया संघर्ष ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या एक और गल्फ वॉर करीब हो सकता है.
इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की शुरुआत कैसी हुई?
- हमास से जंग शुरू होने के बाद इजरायल और ईरान के रिश्ते पहले से और भी ज्यादा खराब हो गए. इजरायल ने ईरान पर आरोप लगाया था कि उसे 7 अक्टूबर को होने वाले हमास के हमले के बारे में पहले से पता था लेकिन ईरान ने हमेशा इस बात को खारिज किया.
- इजरायल के मुताबिक हमास के साथ-साथ लेबनान के हिज्बुल्ला और यमन के हूती को भी ईरान का समर्थन मिला है. ये सभी हमास से जंग में इजरायल के खिलाफ हैं.
- आपको बता दें कि हमास से जंग की शुरुआत होने के कुछ ही दिनो बाद ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने धमकी दी थी कि अगर इजरायल की बमबारी जारी रहेगी तो मुसलमान और रेजिस्टेंस फोर्स बेकाबू हो जाएंगी.
- 18 दिसंबर को ईरान पर एक साइबर हमला हुआ था. जिसके लिए ईरान ने इजरायल को जिम्मेदार ठहराया. इस साइबर हमले के बाद ईरान में 70 फीसदी फ्यूल स्टेशन का कामकाज बंद हो गया.
- 25 दिसंबर को ईरान की मीडिया ने इस बात को लेकर दावा किया था कि सीरिया के बाहरी इलाके में इजरायली ने बमबारी की है, जिसमें IRGC के टॉप कमांडर रजी मौसावी की मौत हो गई.
- 15 जनवरी को ईरान ने इजरायली जासूसी एजेंसी मोसाद की पोस्ट पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी. इन हमलों में चार लोगों की मौत हो गई थी और छह घायल हो गए थे.
- दोनों देशों के बीच अप्रैल में तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया. 13 अप्रैल को ईरान ने इजरायल पर 300 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया था. इसको लेकर इजरायल ने दावा किया था उसने ईरान की अधिकतर मिसाइलों को मार गिराया था.
- 31 जुलाई को हमास नेता इस्माइल हानिया ईरान की राजधानी तेहरान में मारा गया है. हमास ने हानिया के मारे जाने की पुष्टि की है. साथ ही इजराया को चेताया कि उसको बख्शा नहीं जाएगा.
- 17-18 सितंबर को इजरायल ने लेबनान में हजारों पेजर को विस्फोट करके उड़ा दिया जिसके शिकार बड़ी संख्या में हिजबुल्लाह के लड़ाके हुए.
- 27 सितंबर को भी इजरायल ने हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह को टारगेट करते हुए बेरूत स्थित हिजबुल्लाह के मुख्यालय पर बमों की वर्षा कर दी थी. जिसमें नसरल्लाह की मौत हो गई.
- इजरायल ने लगातार लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को टारगेट कर हवाई हमले किए साथ ही इजरायल की सेना ने लेबनान के कुछ क्षेत्रों में एंट्री कर ली.
- ईरान ने इजरायल पर मंगलवार (1 अक्टूबर) को 200 मिसाइल दागकर हमला कर बड़ा पलटवार किया. जिसके बाद मिडिल ईस्ट में जंग की तपिश और भी बढ़ती जा रही है. ईरान ने इजरायल पर हमला करके हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह की मौत का बदला ले लिया है
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