AI छिनेगा नौकरी या करेगा काम में मदद, इस रिपोर्ट से समझें कौन-सा रोल होगा सबसे ज्यादा प्रभावित

Written By: Vineet Sharan Updated by: Vineet Sharan
Updated Date:July 22, 2026 10:53 PM IST

AI Jobs: अब, कुछ LLMs क्रिप्टोकरेंसी कॉन्ट्रैक्ट में कमियां ढूंढ सकते हैं और खुद मॉडल को डेवलप और बेहतर भी बना सकते हैं, जिसमें किसी इंसान को कई घंटे लग जाते हैं.

  • मॉडल की नई पीढ़ी अगले साल या उसके आस-पास खुद को पूरी तरह से डेवलप करना शुरू कर सकती है
  • वर्चुअल वर्कर, इंसानी वर्कर के मुकाबले ज़्यादा महंगे हो सकते हैं. यह काम पर निर्भर करता है
  • पश्चिमी कंपनियां भी शामिल हैं, AI के बहुत सस्ते रूपों की ओर रुख कर रही हैं

AI Jobs: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की चर्चा और असर हर सेक्टर और कंपनियों पर हो रहा है. कंपनी के वर्कफोर्स (कर्मचारियों) के आकार के मामले में फ्लैट ही नया अप (स्थिरता ही नया ट्रेंड) है. अगर यह बात आधी भी सच है, तो हम सभी पर, अलग-अलग सेक्टर और करियर पर इसका असर पड़ेगा. आइये समझते हैं कि एआई किस तरह की नौकरियों पर कितना असर डालेगा.

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एआई हो रहा तेजी से बेहतर

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, GPT-4 मार्च 2023 में रिलीज हुआ. वह 5 मिनट तक के 85% काम, 5 से 59 मिनट के 15% काम, और एक घंटे से ज़्यादा समय लेने वाले 0% काम पूरे किए. वहीं Gemini 3.1 Pro, जिसे फरवरी 2026 में रिलीज़ किया गया, ने 5 मिनट तक चलने वाले 99% काम, 5 से 59 मिनट के बीच चलने वाले 96% काम और एक घंटे से ज्यादा समय लेने वाले 46% काम पूरे किए.

इस माप से पता चला कि तीन साल पहले, बड़े लैंग्वेज मॉडल (LLMs) सिर्फ़ उन कामों को भरोसे के साथ पूरा कर पाते थे जिन्हें करने में इंसानों को कुछ सेकंड या मिनट लगते थे. अब वे काफ़ी मुश्किल काम भी कर पा रहे हैं जिनमें एक घंटे या उससे ज़्यादा समय लगता है.

इसका नौकरियों पर क्या असर होगा?

सबसे अच्छी एनालिसिस अमेरिका से आई है, जिसमें AI से सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाले कई तरह के कामों (जैसे सॉफ़्टवेयर डेवलपर और कस्टमर कॉन्टैक्ट प्रतिनिधि) और AI से सबसे कम प्रभावित होने वाले कामों (हेल्थ वर्कर, चाइल्डकेयर वर्कर, हेयरड्रेसर) में उम्र के हिसाब से रोज़गार के नतीजों के चार साल के डेटा का इस्तेमाल किया गया है.

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की सैलरी और नौकरियों के डेटा की एनालिसिस से पता चलता है कि ChatGPT के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने के बाद से 22 से 25 साल के युवाओं के रोज़गार पर 2.7% का असर पड़ा है, और AI से सबसे ज़्यादा प्रभावित सेक्टर जैसे फ़ाइनेंस, सॉफ़्टवेयर और क्रिएटिव इंडस्ट्री में यह आंकड़ा 12.8% तक बढ़ गया है.

कंपनियों के बॉस, निवेशक और अर्थशास्त्रियों की राय

दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के बॉस इन टूल्स पर भारी रकम खर्च कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि इससे कर्मचारियों की संख्या कम करके पैसे बचाए जा सकते हैं. निवेशक पूछ रहे हैं कि क्या काम नए कर्मचारियों से कराया जाना चाहिए - या फिर "AI एजेंट्स" की फौज से, जो वर्चुअल वर्कर हैं और जिन्हें खास काम सौंपे जाते हैं, जिनमें से कुछ काम काफी स्किल्ड (हुनर वाले) होते हैं.

नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्रियों का कहना है कि दुनिया को "अभी कदम उठाने होंगे" ताकि यह पक्का किया जा सके कि AI से जीवन स्तर बेहतर हो, न कि बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियाँ जाएं. लंदन के व्यवसायों ने चेतावनी दी है कि उन्हें ज़रूरी स्किल्स वाले लोग नहीं मिल पा रहे हैं क्योंकि AI जॉब मार्केट में उथल-पुथल मचा रहा है.

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