क्या ईरान करेगा 'अब्राहम अकॉर्ड' पर हस्ताक्षर? ट्रंप ने दिए संकेत, हमेशा के लिए बदल जाएगा पश्चिम एशिया

Written By: Vineet Sharan Updated by: Vineet Sharan
Updated Date:May 25, 2026 6:49 AM IST

Iran Abraham Accord: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर संकेत दिया है कि ईरान शायद अब्राहम समझौते (Abraham Accord) में शामिल हो सकता है.

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Iran Abraham Accord: अमेरिका-ईरान पीस डील साइन होने के करीब है. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर हलचल मचा दी है. रविवार को ट्रुथ पर ट्रंप ने अब्राहम समझौते का ज़िक्र करते हुए कहा कि तेहरान भी इस समझौते में शामिल हो सकता है, जिसका मकसद अरब देशों और इजरायल के बीच संबंधों को सामान्य बनाना है.

हमेशा के लिए बदल जाएगा पश्चिम एशिया

ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति की इन टिप्पणियों पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन अगर ट्रंप की बात सच साबित होती है, तो दुनिया को पश्चिम एशिया क्षेत्र में एक नई व्यवस्था देखने को मिल सकती है.

कई अरब और मुस्लिम-बहुल देशों से भी अपील

Axios के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने शनिवार को एक उच्च-स्तरीय कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान कई अरब और मुस्लिम-बहुल देशों के नेताओं से कहा कि वह चाहते हैं कि और अधिक देश इजरायल को मान्यता दें और अब्राहम समझौते में शामिल हों. ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने के बाद, वह इस दिशा में काम करना चाहते हैं.

इस फोन कॉल में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के नेता शामिल थे. यह बातचीत अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित शांति समझौते को लेकर चल रही थी, जिससे इस पूरे क्षेत्र में महीनों से जारी अस्थिरता को शांत करने में मदद मिल सकती है.

क्या है ट्रंप का पोस्ट

ट्रंप ने लिखा, मैं अब तक मध्य पूर्व के सभी देशों का उनके समर्थन और सहयोग के लिए शुक्रिया अदा करना चाहूंगा. ऐतिहासिक अब्राहम समझौते में शामिल होने से यह समर्थन और सहयोग और भी बढ़ेगा और मजबूत होगा. और कौन जाने, शायद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान भी इसमें शामिल होना चाहे.

क्या है ईरान का रुख

2020 से काफी पहले से ही, ईरान इजरायल और अरब देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने के खिलाफ रहा है. इसके अलावा, अमेरिका की मध्यस्थता से हुए इन समझौतों को ईरान फ़िलिस्तीनी मुद्दे के साथ विश्वासघात के तौर पर देखता है.

2025 में, ट्रंप के ऐसे ही बयान पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान "कभी भी" इजरायल को मान्यता नहीं देगा. अराघची ने अक्टूबर 2025 में ईरानी सरकारी टेलीविजन से कहा, ईरान कभी भी किसी ऐसे कब्जे वाले शासन को मान्यता नहीं देगा जिसने नरसंहार किया हो और बच्चों की हत्या की हो.

अब्राहम अकॉर्ड्स क्या हैं?

अब्राहम अकॉर्ड्स समझौतों का एक समूह है जिसका उद्देश्य इजरायल और अरब देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों को सामान्य बनाना है. इस समझौते की घोषणा 2020 में, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति के तौर पर पहले कार्यकाल के दौरान की गई थी. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन पहले ऐसे अरब देश थे जिन्होंने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए और 1994 में जॉर्डन के बाद इजरायल को एक देश के रूप में मान्यता दी. बाद में मोरक्को और सूडान भी इस समझौते में शामिल हो गए.

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