दुनिया की सबसे गहरी और सबसे लंबी रेल सुरंग का शुभारंभ हुआ। इस सुरंग के उद्घाटन समारोह में जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल, फ्रांस के राष्ट्रपति फ़्रांस्वां ओलांदे और इटली के प्रधानमंत्री माटेओ रेन्ज़ी जैसे कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। इस सुरंग की पहली डिजाइन सात दशक पहले बनाई गई थी। 57 किमी लंबी गोटहार्ड बेस सुरंग स्विट्जरलैंड के मध्य केंटन (प्रांत) उरी के अर्स्टफेल्ड से शुरु होकर दक्षिण केंटन टिसिनो के बोडियो तक जाती है।Also Read - स्विट्जरलैंड ने भारत को स्विस बैंक खाते के विवरण की तीसरी लिस्ट सौंपी, 33 लाख अकाउंट का खुलासा

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1947 में किया गया था डिज़ाइन- Also Read - Afghanistan: जो बाइडन ने जी-7 नेताओं के आग्रह को ठुकराया, सेना की वापसी की समयसीमा बढ़ाने से इनकार

1947 में सबसे पहले स्विस इंजीनियर कार्ल एडवर्ड ग्रूनर ने इसकी पहली डिजाइन बनाई थी। प्रोजेक्ट की बड़ी लागत, नौकरशाही प्रक्रियाओं में देरी, और अन्य व्यवधानों के चलते ये प्रोजेक्ट 1999 तक टलता गया। तब से 17 साल में और 12 बिलियन स्विस फ्रेंक (12 बिलियन डॉलर या 11 बिलियन यूरो) से ज्यादा की लागत से बनी गोटहार्ड बेस सुरंग अब तैयार है। यह भी पढ़ें: स्विटजरलैंड ने चुना नया राष्ट्रगान

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समय की होगी बचत-

दिसंबर तक जब सुरंग पूरी तरह से सेवा के लिए उपलब्ध हो जाएगी तो ज्यूरिख से उत्तरी इटली के मिलान तक का सफर दो घंटे चालीस मिनट का हो जाएगा जिससे लगभग एक घंटे का समय बच सकेगा।

ट्रैफिक का दबाव होगा कम-

इस नए मार्ग का उद्देश्य रेल भाड़े को कम करना है। इसमें से ज्यादा भारी सामान ले जाया सकेगा जिससे सड़क परिवहन पर दबाव कम हो जाएगा, ट्रैफिक बेहतर होगा और प्रदूषण कम होगा। स्विस फेडरल रेल सेवा के अनुसार रेलयात्रियों की संख्या 9000 से  2020 में 15000 तक बढ़ने की उम्मीद है। यूरोपियन यूनियन ट्रांसपोर्ट कमिश्नर वायलेटा बुल्क ने पिछले हफ्ते इस सुरंग को यूरोप के लिए ‘गाडसेंड’ बताया जो “रोटरडैम और एन्टेर्प को एड्रियाटिक के बंदरगाह से जोड़ेगी।”

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आधुनिक तकनीक का कमाल-

गोटहार्ड प्रोजेक्ट सुरंग बनाने की आधुनिक तकनीक की वजह से संभव हो सका। इसकी मुख्य मशीन 410 मीटर लंबी है और ये एक चलित कारखाने की तरह काम  करती है। ये पत्थरों को काट कर उनके टुकड़े पीछे कीओर फेंकते हुए उसी समय पूर्व निर्मित काँक्रीट के टुकड़े रखती जाती है जिससे सुरंग आकार लेती है। इन टुकड़ों को जोडंने के लिए अलग से मसाला लगाया जाता है। स्विस रेल सेवा ने बताया कि सुरंग के ट्रैक के स्लैब को बनाने के लिए 125 मजदूरों ने लगातार 43800 घंटों तक बिना काम रोके तीन शिफ्टों में बंट कर काम किया।

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जापान, इंग्लैंड और फ्रांस की सुरगों को छोड़ा पीछे-

अब गोटहार्ड जापान की 53.9 किमी लंबी  सेकिन सुरंग को पीछे छोड़कर संसार की सबसे लंबी सुरंग बन गई है । इंग्लैड और फ्रांस को जोड़ने वाली 50.5 किमी लंबी सुरंग अब तीसरे नंबर पर आ गई है।

News Source- NDtv