संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटारेस ने शांति बहाली की प्रक्रिया में महिलाओं की अहम भूमिका होने की वकालत करते हुए वैश्विक शांति कायम करने के अभियान में महिलाओं की कमी पर अफसोस भी जताया.

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संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने 1990 से 2017 के बीच के आंकड़ों की ओर इशारा करते हुए कहा कि शांति अभियानों के वार्ताकारों में सिर्फ आठ फीसदी महिलाएं हैं और बड़ी सैन्य प्रक्रिया में पांच फीसदी महिलाएं ही चश्मदीद हैं और जिनकी इसमें सक्रिय भागीदारी रही है. उन्होंने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं की सहभागिता इस क्षेत्र में कितनी कम है.

महिला सशक्तिकरण को दें बढ़ावा
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गुरुवार को बताया कि इन आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि शांति अभियान की प्रक्रियाओं में मध्यस्थ की भूमिका निभाने में सिर्फ दो फीसदी महिलाएं ही शामिल हैं. यहां महिलाओं और पुरुषों की बीच गैरबराबरी है. उन्होंने कहा कि लैंगिक असमानता को दूर करने के लिए अभी बहुत प्रयासों की आवश्यकता है.

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एंटोनियो गुटारेस ने संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड बैंक के एक हालिया अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि शांति और लैंगिक समानता के बीच महत्वपूर्ण संबंध होने के सबूत मिले हैं. उन्होंने सभी देशों से समानता और महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की अपील की है. (इनपुट एजेंसी)

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