माले: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मालदीव की ‘फ्राइडे मस्जिद’ (जुमा मस्जिद) के संरक्षण और निर्माण में भारत की ओर से मदद का ऐलान किया है. यह मस्जिद बेहद खास मूंगा पत्थरों से बनी है. मुस्लिम बहुल देश की संसद ‘मजलिस’ को संबोधित करते हुए शनिवार को मोदी ने उक्त घोषणा की. उन्होंने यह भी कहा कि भारत और मालदीव का संबंध तो इतिहास से भी पुराना है. उन्होंने कहा कि मालदीव की ‘फ्राइडे मस्जिद’ के संरक्षण में भारत मदद करेगा. इस मस्जिद को ‘हुकुरु मिस्की’ के नाम से भी जाना जाता है.

मोदी ने कहा, ‘दुनिया में कहीं भी ऐसी मस्जिद नहीं है, यह ऐतिहासिक मस्जिद मूंगा पत्थरों से बनी है.’ उन्होंने कहा कि वह इस बात से खुश हैं कि मालदीव सतत विकास की ओर बढ़ रहा है और वह अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का हिस्सा बन गया है. संयुक्त बयान के अनुसार, मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलेह ने भारत की अनुदान राशि से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा ‘फ्राइडे मस्जिद’ का संरक्षण कार्य कराने की पेशकश के लिए भारत का धन्यवाद व्यक्त किया.

वर्ष 1658 में निर्मित फ्राइडे मस्जिद काफु एटोल के माले शहर में बनीं सबसे पुरानी और सुन्दर मस्जिदों में से एक है. इस मस्जिद को समुद्री संस्कृति वास्तुकला के अद्भुत उदाहरण के रूप में 2008 में यूनेस्को की विश्व धरोहर संस्कृति सूची में प्राथमिक तौर पर शामिल किया गया था.