नई दिल्ली: दुनियाभर में कोरोना वायरस से लाखों लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं कई लाख लोग इससे संक्रमित हैं. दुनिया की अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी के कारण नीचे गिरती जा रही है. ऐसे में दुनियाभर की कई सरकारों द्वारा इस बात पर विचार किया जा रहा है कि लॉकडाउन को खोल दिया जाए व लोगों को काम करने की अनुमति दे दी जाए. काम करने की अनुमति खासकर उन लोगों को दिए जाने पर विचार किया जा रहा है जो लोग कोरोना संक्रमित थें लेकिन बाद में उन्हें इलाज कर ठीक कर दिया गया है. लेकिन इस फैसले पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आपत्ति जताई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऐसा करने वाले देशों को चेतावनी दी है साथ ही इलाज कर ठीक किए जा चुके लोगों को खतरा भी बताया है. Also Read - 2 से 18 साल के बच्‍चों पर होगा COVAXIN का ट्रायल, DCGI ने दी मंजूरी

WHO ने इस मामले पर कहा कि दुनियाभर की कुछ सरकारें ऐसे लोगों को काम पर वापस जाने की अनुमति देने पर विचार कर रही है. लेकिन इस प्रकार की कोशिश दुनिया में कोरोना के खतरे को बढ़ाएंगी. साथ ही अपने स्वास्थ्य व इम्यून को लेकर लोग निश्चिंत हो जाएंगे और इसका ध्यान रखना बंद कर देंगे. संगठन ने बताया कि दुनियाभर से ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें कोरोना वायरस के इलाज के बावजूद कोई शख्स दोबारा कोरोना संक्रमित पाया गया है. ऐसे में इस तरह के फैसले लेना कही न कहीं गलत साबित हो सकता है व इस बात की भी कोई गारंटी नहीं है कि लोग दोबारा संक्रमण के शिकार नहीं होंगे. Also Read - गाजीपुर: गंगा नदी में बहते शवों से मचा कोहराम, कोरोना संकट के बीच जिलाधिकारी ने दिए जांच के आदेश

बता दें कि इससे पहले भी विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेश ट्रेडोस अदनोम ने जेनेवा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि यह खतरे की घंटी है. उन्होंने सभी देशों को इस बाबत चेताया और कहा कि कोई भी देश किसी प्रकार की गलती करने से बचे. यह बीमारी इतनी जल्दी दुनिया का पीछा नहीं छोड़ने वाली है. वहीं आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया में इससे भी बुरा वक्त आने वाला है. इस महामारी का सबसे बुरा रूप देखना अभी बाकी है. बता दें कि पूरी दुनिया में कोरोना महामारी की चपेट में 29 लाख से अधिक लोग आ चुके हैं, वहीं इससे मरने वालों की संख्या लगभग 2 लाख तक पहुंच चुकी है. ऐसे में इस तरह के फैसले को लेकर WHO ने चेतावनी जारी की है. Also Read - कोरोना महामारी में अभिभावकों को खोने वाले बच्‍चों को हर माह 5 हजार रुपए की पेंशन म‍िलेगी, एमपी के CM की घोषणा