नई दिल्ली: कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के लिए जिम्मेदार वायरस SARS-CoV-2 के स्रोत की जांच के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की टीम आखिरकार अगले हफ्ते चीन का दौरा करेगी. यह घोषणा डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने पांच दिन पहले 29 जून को की थी. उन्होंने कहा था कि दुनिया वायरस से बेहतर तरीके से लड़ सकती है, अगर हम वायरस के बारे में सबकुछ जानते हों जैसे कि यह कैसे शुरू हुआ है. Also Read - बीएस येदियुरप्पा की बेटी भी कोविड-19 की जांच में संक्रमित, बेटे को किया गया क्वारंटीन

बता दें कि कोरोनावायरस बीमारी चीन के वुहान से दिसंबर में फैलना शुरू हुई थी. चीन पर इसकी जानकारी समय पर न देने का आरोप है, जिसकी वजह से इसके मामले सिर्फ 2 महीने में दुनियाभर में फैल गए. हालांकि अब डब्ल्यूएचओ की टीम इसकी जांच के लिए चीन जाएगी. चीन में स्थानीय डब्ल्यूएचओ ऑफिस वायरल निमोनिया के मामलों पर वुहान म्युनिसिपल हेल्थ कमीशन का बयान लेगा, इसके बाद यह जांच 6 महीने से अधिक समय तक चलेगी. Also Read - BCCI SOP: 60 साल के अरुण लाल और 65 साल के डेव वाटमोर अब नहीं दे सकते कोचिंग, जानिए वजह

बता दें कि डब्ल्यूएचओ ने महामारी के शुरुआती चरण की जानकारी अपडेट की है जिसमें यह खुलासा हुआ है कि कोरोना वायरस के पहले मामले की चेतावनी चीन ने नहीं बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दी थी. Also Read - Coronavirus Cases In India: 24 घंटे में कोरोना से 771 लोगों की गई जान, 52 हजार से अधिक संक्रमित

डब्ल्यूएचओ कह रहा है कि वायरस के स्रोत को जानना बहुत महत्वपूर्ण है. डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने कहा, “यह विज्ञान है, यह सार्वजनिक स्वास्थ्य है. हम वायरस से बेहतर तरीके से लड़ सकते हैं जब हम वायरस के बारे में सब कुछ जानते हैं, जैसे कि यह कैसे शुरू हुआ है.”

उन्होंने आगे कहा, “हम इसकी तैयारी के लिए अगले सप्ताह चीन में एक टीम भेजेंगे और हम आशा करते हैं कि यह समझने में मदद करेगा कि वायरस की शुरुआत कैसे हुई और भविष्य की तैयारी के लिए हम क्या कर सकते हैं. इसलिए हम अगले सप्ताह एक टीम भेजने की योजना बना रहे हैं.”