पेरिस: फ्रांस में पेट्रोल-डीजल पर टैक्स की वृद्धि के खिलाफ जारी हुआ ‘येलो वेस्ट’ प्रदर्शन लगातार चल रहा है. हालांकि अब ये प्रदर्शन राष्ट्रपति मैक्रों और उनकी नीतियों के खिलाफ परिवर्तित हो चुका है. इस शनिवार भी बड़ी तादाद में राष्ट्रपति मैक्रों की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन हुआ. पेरिस में शनिवार को हुए इस प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने उन पर टीयर गैस के गोले छोड़े. हालांकि, 7 हफ़्तों से चल रहे फ्रांस को हिलाकर रख देने वाले इस ‘येलो वेस्ट’ प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोगों की तादाद में कुछ कमी आई है.

शनिवार को पेरिस में हजारों प्रदर्शकारियों ने सरकारी टीवी स्टेशनों और बीएफएम टीवी चैनल के दफ्तर के बाहर जमा होकर मीडिया पर फर्जी खबरें चलाने का आरोप लगाया और राष्ट्रपति एमेनुएल मैंक्रों का इस्तीफा मांगा. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ट्राम लाइनों पर जमा हो गए और पुलिस के साथ उनकी झड़प हुई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिये आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया. पेरिस से शुरू हुआ ये आंदोलन फ्रांस के विभिन्न शहरों में फ़ैल गया है. ‘येलो वेस्ट’ आंदोलन के दौरान 8 दिसम्बर को हुए प्रदर्शन में पुलिस और युवाओं के बीच हिंसक झड़प में  कुल 135 लोगों के घायल होने की खबर थी. ये युवा देश में बढ़ती महंगाई के विरोध में सड़कों पर उतरे हैं. गृह मंत्री क्रिस्टोफ कास्टानेर ने बताया था कि 1,385 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है.

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‘यलो वेस्ट’ का आकर्षण 
सोशल मीडिया पर ‘यलो वेस्ट’ नामक आंदोलन ने हर उम्र व पृष्ठभूमि के लोगों को आकर्षित किया है. प्रदर्शनकारियों द्वारा आपातकाल में पहनी जाने वाली पीली जैकेट पहनने के कारण इस आंदोलन का नाम ‘यलो वेस्ट’ पड़ा है. रिपोर्ट के मुताबिक इस विरोध प्रदर्शन का कोई नेतृत्व नहीं कर रहा है. यह प्रदर्शन बढ़ती महंगाई के खिलाफ हो रहा है जिसका कारण राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आर्थिक और वित्तीय नीतियों को बताया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मैक्रों की आर्थिक नीतियां अमीरों के हित में हैं. इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान कई लोगों ने मैक्रों के इस्तीफे की मांग की है

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न्यू ईयर पर भी जारी रहेगा प्रदर्शन
हालांकि, प्रदर्शनकारियों की संख्या में बीते हफ्तों के मुकाबले काफी कमी आई है. पुलिस के मुताबिक इस शनिवार दोपहर करीब 12 हजार लोग प्रदर्शन में शामिल हुए. इससे पहले 22 दिसंबर को 38, 600 प्रदर्शनकारी जमा हुए थे, वहीं प्रदर्शनों के पहले दिन 17 नवंबर को 2 लाख 82 हजार लोग शामिल हुए थे. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 2019 में भी वह विरोध जारी रखेंगे और नववर्ष पर भी प्रदर्शन करने की योजना बनाई जा रही है. प्रदर्शनकारी मैक्रों को अमीरों का राष्ट्रपति बताते हुए लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

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