सेंट पीटर्सबर्ग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रूस की सांस्कृतिक राजधानी सेंट पीटर्सबर्ग की ऐतिहासिक पिस्कारेवस्कोए मेमोरियल सेमेट्री में द्वितीय विश्वयुद्ध के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के साथ आज शिखर वार्ता से पहले उत्तर पूर्वी शहर के बाहरी इलाके में बने इस कब्रिस्तान में गए. लेनिनग्राद पर हमले के दौरान मारे गये करीब पांच लाख लोगों की कब्र यहां है. मोदी ने कब्रिस्तान में पुष्प अर्पित किए और कुछ मिनट का मौन भी रखा.

पिस्कारेवस्कोए मेमोरियल सेमेट्री द्वितीय विश्वयुद्ध के पीड़ितों का सबसे बड़ा कब्रिस्तान है. यहां 186 सामूहिक कब्रों में शहर के 420,000 निवासियों की कब्र है जो भूख, बमबारी में मारे गए. इसके साथ यहां उन 70,000 सैनिकों की कब्र भी है जो लेनिनग्राद की सुरक्षा करते हुए शहीद हो गए थे. लेनिनग्राद सेंट पीटर्सबर्ग का पुराना नाम है.

आज वह रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे. इस दौरान तमिलनाडु के लिए कुडनकलम न्यूक्लियर प्लांट पर समझौता हो सकता है. इस मुद्दे पर बातचीत आखिरी चरणों में है. इसे लेकर कुछ समय पहले रूस के प्रधानमंत्री ने भारत का दौरा भी किया था और पीएम मोदी से मुलाकात की थी. दोनों देशों के लिए ये समझौता बेहद महत्वपूर्ण है. 

— ANI (@ANI_news) June 1, 2017

पीएम मोदी जर्मनी और स्पेन की यात्रा के बाद यहां पहुंचे हैं. मोदी ने चार दिन की यात्रा के दौरान जर्मनी और स्पेन के साथ कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इनमें आतंकवाद से सख्ती से लड़ने का भी संकल्प शामिल है.

मोदी-पुतिन मुलाकात पर टिकीं नजरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक वाषिर्क शिखर सम्मेलन के लिए आज मुलाकात कर रहे हैं और इस दौरान सभी की नजरें रूस की मदद से कुडनकुलम परमाणु संयंत्र की अंतिम दो इकाइयों के निर्माण के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर होने पर टिकीं है. ऐसी उम्मीद है कि इस दौरान दोनों देश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रेलवे और सांस्कृतिक आदान प्रदान समेत कई क्षेत्रों के अलावा निजी पक्षों के बीच भी कारोबारी क्षेत्रों में भी समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे. दोनों नेता एक ‘विजन डॉक्यूमेंट’ भी जारी करेंगे.

अगर परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो यह समझौता शिखर सम्मेलन का केंद्र बिंदु होगा. संयंत्र की दोनों इकाइयां भारत की परमाणु उर्जा पीढ़ी को महत्वपूर्ण विकास देंगी. दोनों इकाइयों की क्षमता एक-एक हजार मेगावाट विद्युत उत्पन्न करने की होगी. भारतीय अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु में परमाणु उर्जा संयंत्र की इकाई पांच और छह के निर्माण के लिए रिण सुविधा संबंधी समझौते की भाषा पर काम करने के लिए रूसी अधिकारियों के साथ अंतिम समय की वार्ता हो रही है.

इन रिएक्टरों का निर्माण भारत की ‘न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड’ और रूसी परमाणु परिसर के नियामक निकाय रोसाटोम की सहायक कंपनी एट्म्सट्रायएक्पोर्ट कंपनी कर रही है. रूस में भारत के राजदूत पंकज सरन ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच आपसी विश्वास एवं समझ बहुत अच्छी है जो पिछले तीन साल में विकसित हुई है. उन्होंने कहा कि आज शिखर सम्मेलन में नेता मौजूदा संबंधों की समीक्षा करेंगे और भविष्य के दृष्टिकोण के ब्लूपिंट्र पर चर्चा करेंगे.

(भाषा इनपुट)